खसरा (Measles) एक संक्रामक बीमारी है, जो अधिकतर छोटे बच्चों को अपना शिकार बनाती हैं। विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार लगभग 110,000 मौते खसरा से हुई है। जिसमें अधिकतर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे शामिल थे।
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खसरा की वैक्सीन की उपलब्धता के बावजूद यह मौत का एक महत्वपूर्ण कारण है। अधिकांश खसरा का भयंकर परिणाम उस क्षेत्र में होता है, जहां लोगों को कभी भी इस बीमारी के प्रति जागरूक नहीं किया गया है।
विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार प्रति वर्ष 2.6 मिलीयन लोगों को खसरे का टीका नहीं लग पाया है। ग्लोबल वैक्सीन एक्शन प्लान के तहत पांच विश्व स्वास्थ संगठन रीजन में 2020 तक खसरा को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
खसरा क्यों होता है? (Khasra kyu hota hai?)
खसरा एक संक्रामक बीमारी है। यह रूबेला या पैरामिक्सजो वायरस के माध्यम से फैलती है। यह हमारी श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। जब कोई व्यक्ति किसी भी संक्रमित लार या श्लेष्म के संपर्क में आता है, तो वह भी संक्रमण से ग्रसित हो जाता है। यह वायरस हवा के माध्यम से फैलता है। यह बीमारी व्यक्ति के खासने और छीकने से भी फैल सकती है।
यदि आप संक्रमित वाले समुदाय में आने के बाद नाक रगड़ते या मुंह में उंगली डालते हैं, तो भी आप संक्रमित हो सकते हैं। खसरा का खतरा उन लोगों में ज्यादा रहता है जो खसरे से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में अधिक समय तक रहते हैं।
खसरा के लक्षण क्या है? (Khasra ke lakshan kya hai?)
शरीर में वायरस के प्रवेश करने के बाद 10 से 14 दिनों के अंदर इसके लक्षण दिखाई देते हैं। खसरा के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं
1. बुखार आना।
2. खांसी या सूखी खांसी आना।
3. छींके आना।
4. नाक बहना।
5. आंखों में सूजन आ जाना या आंखों से पानी बहना।
6. मांसपेशियों में दर्द होना।
7. गले में खराश होना।
8. मुंह के अंदरूनी हिस्से पर सफेद दाग धब्बे पड़ना।
9. शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना।
इन सब लक्षणों के दिखाई देने के बावजूद कान के पीछे लाल चकते, सिर व गर्दन तक फैलने के साथ-साथ धीरे-धीरे करके पूरे शरीर में फैले लगते हैं। खसरा बीमारी में पूरे शरीर में चकत्ते पड़ने के बाद खुजली होने की समस्या भी देखने को मिलती है।
खसरा का परीक्षण (Khasra ka parikshan)
खसरे का परीक्षण उसकी स्थिति के अनुसार किया जाता है। इसके अलावा ब्लड टेस्ट करवाया जाता है और कुछ शारीरिक परीक्षण कराए जाते हैं। बुखार, खांसी, छींक, लाल चकत्ते का टेस्ट मुख्य रूप से कराया जाता है। अगर ब्लड टेस्ट और शारीरिक परीक्षण में खसरे की पुष्टि हो जाती है तो माना जाता है, कि व्यक्ति खसरे से संक्रमित हो गया है।
खसरा का खतरा किन लोगों में ज्यादा रहता है? (Khasra ka khatra kin logo me jada rehta hai?)
वैसे तो अधिकांशता खसरे का खतरा छोटे बच्चों में ज्यादा रहता है, पर इसके अलावा जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती हैं, उन लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। जिन लोगों के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है, एचआईवी एड्स से संक्रमित व्यक्ति, 18 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्को में इस बीमारी का भी खतरा ज्यादा रहता है।
खसरा के दुष्परिणाम (Khasra ke dushparinam)
यदि खसरे का सही समय पर उपचार नहीं किया जाता है, तो इसके परिणाम गंभीर भी हो सकते हैं। जैसे ब्रोंकाइटिस ,अंधापन, डायरिया, रक्त में प्लेटलेट्स की कमी, कान में इन्फेक्शन इस तरह की के घातक परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। इसके अलावा कभी-कभी इस खसरा जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आने से छोटे बच्चों की मौत तक हो जाती है।
खसरा का उपचार (Khasra ka upchar)
आमतौर पर खसरे का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, खसरे से संक्रमित व्यक्ति को 72 घंटो के अंदर खसरे का टीका अवश्य लगाना चाहिए, ताकि परिणाम अधिक गंभीर ना हो सकें। खसरे के उपचार में डॉक्टर आपको आराम करने की और तरल पदार्थ का सेवन करने की सलाह भी देते हैं। ऐसा इसलिए ताकि इसके परिणाम गंभीर ना हो सकें।
खसरा के सामान्य इलाज में बुखार को कम करने के लिए पेरासिटामोल दी जाती है। मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए एसिटामिनोफेन दवा दी जाती है। खांसी और गले में खराश व दर्द को दूर करने के लिए हुमिडिफायर दवा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। खुजली और जलन से राहत पाने के लिए कैलामाइन लोशन का उपयोग भी कर सकते हैं। खसरा कैसे संक्रामक बीमारी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिए विटामिन A से भरपूर खाद्य पदार्थों का नियमित रूप से अपने जीवन शैली में आहार स्वरूप ग्रहण करें।
खसरा से संक्रमित व्यक्ति का आहार (Khasra se sankramit vyakti ka aahar)
खसरे के रोगी को हरे पत्तेदार सब्जियां देनी चाहिए। विटामिन C से युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अंगूर, नींबू, संतरा इन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा खसरे से संक्रमित व्यक्ति को हल्का खाना देना चाहिए। खसरा जैसी गंभीर बीमारी बचने के लिए तली, भुनी चीजों से दूर रखना चाहिए और बाहर का खाना देने से बचना चाहिए।
खसरा से बचाव किस प्रकार किया जा सकता है? (Khasra se bachaav kis prakaar kiya ja sakta hai?)
खसरा एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए इससे बचाव किया जाना बहुत जरूरी है, नहीं तो आप भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से इससे संक्रमित हो सकते हैं। खसरे से बचाव करने के लिए कुछ उपाय हम आपको बताएंगे।
1. संक्रमित व्यक्ति या संक्रमित क्षेत्र से दूरी बनाए रखें।
2. खसरे का टीका जरूर लगवाएं।
3. अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करें।
4. शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार शामिल करें।
आज के इस लेख में हमने खसरा बीमारी के बारे में जानकारी प्राप्त की। अगर आप बीमारी से बचना चाहते हैं, तो खसरे की वैक्सीन जरूर लगवाएं साथ ही खसरे से संक्रमित व्यक्ति या समुदाय से दूरी बनाए रखें।
मैं उम्मीद करती हूं कि हमारे द्वारा लिखा गया खसरे से संबंधित लेख आपको पसंद आया होगा। अगर खसरे से संबंधित किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी जानना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें बताएं। हम आपके लिए सदैव उपस्थित हैं।
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धन्यवाद।।