ओसीडी क्या है?
ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर (Obsessive Compulsive disorder) जिसे OCD के नाम से भी जाना जाता है, यह एक प्रकार की मानसिक बीमारी है। आमतौर इस बीमारी से ग्रसित लोगों को लगता है कि उन्हें वस्तुओं की दोबारा जांच करना होगा। आइए जानते है ओसीडी क्या है?
ओसीडी से पीड़ित व्यक्ति नियमित रूप से कुछ विचार करते हैं, और वे विचार उनके दिमाग में बार-बार घूमते रहते हैं, आइये जानते है OCD ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर के कारण के बारे में ।
इसके साथ ही ओसीडी से पीड़ित व्यक्ति कुछ गतिविधियां भी करते हैं जैसे- बार-बार दरवाजे व खिड़कियों को बंद करके उसे दुबारा जाकर देखना, बार-बार अपने हाथो को धोना, अनावश्यक और पुराने वस्तुओं को बाहर फेकने से बचना, इस प्रकार की गतिविधियां करने से वे अपने सामान्य जीवन को खतरे में डाल रहे होते हैं। आइये जानते है
इसके साथ ही उनके जीवन में नकारात्मकता का भाव उत्पन्न होता रहता है, लेकिन ज्यादातर ओसीडी से पीड़ित रोगियों को इस बात का एहसास नहीं होता है। ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी दुनिया में लगभग 23% लोगो इस समस्या से ग्रसित है।
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ज्यादातर इस लक्षण की शुरुआत 35 वर्ष की आयु से शुरू होती है लेकिन कई बार 20 वर्ष की उम्र में भी ओसीडी के लक्षण विकसित हो जाते हैं। महिला एवं पुरुष दोनों ही सामान्य रूप से इस बीमारी से प्रभावित होते हैं।
यदि आप ओसीडी की समस्या से पीड़ित है, तो इस बीमारी को ठीक करने के लिए आपको सही रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।
तो आइए जानते हैं ओसीडी से पीड़ित व्यक्तियों के लक्षण के बारे में।
ओसीडी होने का कारण क्या है ? ( OCD hone ka karan kya hai ?)
ओसीडी होने का मुख्य कारण कौन सा है इसे अभी तक पता नहीं लगा पाया गया है लेकिन कुछ मुख्य कारण है जिससे ओसीडी हो सकती हैं।
- ओसीडी होने का मुख्य कारण आपके शरीर में प्रकृतिक, रासायनिक एवं आपके मस्तिष्क की कार्य करने के तरीको में बदलाव के कारण भी हो सकता है।
- ओसीडी होने का एक कारण अनुवांशिक भी हो सकता है, लेकिन कई जगहों पर इस पर हुए शोधों से इस बात का स्पष्ट कारण के बारे में पता नहीं किया जा सका है।
- कई शोध में पता चला है कि वातावरण भी ओसीडी के लिए जिम्मेदार होता है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वातावरण ही ओसीडी के लिए जिम्मेदार है।
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ओसीडी से पीड़ित व्यक्तियों के लक्षण क्या है ? (OCD se pirit vyakti lakshan? )
ओसीडी से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान उनका कंपल्सिव व्यवहार को देखकर किया जा सकता है।
जरूरत से ज्यादा हाथ की साफ सफाई रखना
वे लोग अपने आसपास और अपने शरीर को लेकर बेहद ही सर्तक रहते हैं, और ऐसे में उन्हें यह लगता है कि आसपास चीजें अभी भी गंदी है तो वह अपने मन की शंका को दूर करने के लिए घरों की सफाई भी बार-बार करते है। इसके साथ ही अपने हाथ को बार-बार धोते रहते हैं। किसी काम को एक बार करने के बाद फिर उसी काम को दुबारा करना यह भी ओसीडी के प्रमुख लक्षणों में से एक है।
वस्तुओं को व्यवस्थित रखने की आदत
कुछ लोग वस्तुओं को उचित स्थान पर रखने के प्रति ऑब्सेस्ड रहते हैं। ऐसे में वे अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए किताबों को बार बार सही क्रम में लगाएंगे, बर्तन को भी सही क्रम में लगाएंगे इत्यादि यह सभी ओसीडी का एक प्रमुख लक्षण है।
पुरानी वस्तुओं और कबाड़ को जमा करने की आदत भी OCD ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर के कारण
खासकर यह समस्याएं महिलाओं में ज्यादातर देखी जाती है। वे लोग बिना वजह के अखबार,पुराने कपड़े और अन्य चीजों को जमा करती है और उन्हें यह समझ नहीं आता कि यह करना गलत है या सही है।
बार–बार गिनती करने की आदत भी OCD ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर के कारण
कुछ लोगों को अपने सामान और पैसों को बार-बार गिनती करने की आदत होती है। ऐसे लोग अक्सर सीढ़ियों और लाइटों को भी गिनते हैं। एक बार गिनती छूट जाने के बाद उसे पुनः गिनते हैं। यह समस्या भी ओसीडी अंतर्गत आती है।
अपने सुरक्षा का भय बना रहना

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कुछ लोगों में सुरक्षा का भय बेहद ही ज्यादा होता है जो कि बिल्कुल ही निराधार होता है। वे लोग बार-बार खिड़की, दरवाजे, ताले और गैस को बार-बार देखते रहते है। यह भी ओसीडी का एक प्रमुख कारण है।
यदि आप अपने आस-पड़ोस परिवार दोस्तों में किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की हरकतें करते हुए बार-बार देखते है। आपको अवश्य ही उन्हें समझाये की या फिर उन्हें किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
ओसीडी से बचाव कैसे करें? (OCD se kaise bachav kare ?)
ओसीडी के लक्षणों को आप रोक नहीं सकते लेकिन कि इसके लक्षणों को कम करने का सबसे सरल तरीका है। अगर किसी मनोचिकित्सक की मदद लें और निर्धारित दवाइयों का प्रतिदिन सेवन करें। इसके साथ ही शारीरिक परीक्षण के द्वारा यह पता किया जाएगा कि वह कौन सी समस्या है जो आपके अंदर ओसीडी के लक्षणों को पैदा कर रही है।
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इसके साथ ही मानोचिकित्सकों द्वारा आपकी भावनाओं, लक्षणों और व्यवहार पर चर्चा की जाती है। आपकी अनुमति के अनुसार आपके परिजनों से भी बात की जाती है।
लेकिन आपको बता दें कि ओसीडी के लक्षणों को आज तक पूर्णतः ठीक नहीं किया गया है लेकिन निरंतर इलाज से ओसीडी की समस्या को कम किया जा सकता है। ओसीडी आपके दैनिक जीवन पर असर ना कर सके।
कुछ लोगों को तो ताउम्र इस समस्या का इलाज कराना पड़ता है लेकिन मुख्य रूप से ओसीडी के प्रभाव को कम किया जा सकता है अगर आप मानोचिकित्सकों से सलाह या परामर्श लेते है और उनके द्वारा दवाओं के मदद से आप ओसीडी की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर (ओसीडी) के बारे में जानकारी दी की ओसीडी क्या होता है। इसके साथ ही हमने आपको ओसीडी होने के कुछ कारण भी स्पष्ट किए हैं और हमने आपको ओसीडी से पीड़ित व्यक्ति के कुछ लक्षणों के बारे में भी बताया है। साथ ही हमने आपको ओसीडी से बचाव करने के कुछ आसान तरीके भी बताए हैं।
आशा करते है कि हमारे द्वारा ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर (ओसीडी) पर लिखा या लेख आपको पसंद आया होगा यदि अब भी इस लेख से संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न उत्पन्न हो रहा है तो आप अवश्य में कमेंट करके कमेंट बॉक्स में बताएं।
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धन्यवाद।