हम सभी ने कहीं ना कहीं स्टेरॉइड (steroid) का नाम सुना ही होगा, अमूमन इसका उपयोग बॉडीबिल्डिंग से जुड़े लोग तथा एथलीट करते हैं, क्या आप जानते हैं कि असल में स्टेरॉइड् का काम क्या है।

आज के समय में लोग इसे किस प्रकार से इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज हम जानेगे अपने इस लेख में स्टेरॉयड के बारे में की यह क्या होता है?

इसको इस्तेमाल करने से होने वाले फायदे अथवा नुकसान के बारे में।

स्टेरॉइएड एक प्रकार का मानव testesteron हार्मोन है जो शरीर में स्वाभाविक रूप से बनता है, परंतु जिस स्टेरॉयड की बात हम कर रहे हैं।

वह एक मानव निर्मित स्टेरॉइड है, जिसका उपयोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए किया जाता है।

आज इसका पूर्ण रूप से पूरे विश्व में गलत दुरुपयोग हो रहा है।

आज के इस दौर में इसका प्रयोग एथलीट तथा बॉडीबिल्डर्स अपने मांसपेशियों को बढ़ाने तथा स्टैमिना को बढ़ाने में कर रहे हैं। स्टेरॉयड का पूरा नाम ऎनाबोलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉइएड है।

आमतौर पर इसी का उपयोग एथलीट्स और बॉडीबिल्डर्स द्वारा किया जाता है इसके उपयोग से मानव शरीर में टेस्टोस्टरॉन और डिहाइड्रो टेस्टोस्टोरोन बढ़ जाता है।

स्टेरॉयड को सर्वप्रथम 1930 में बनाया गया इसके बाद इसका उपयोग हार्मोन की ग्रोथ के लिए किया जाने लगा।

स्टेरॉयड कितने प्रकार के होते? (steroid kitne prakar ke hote Hai?)

मुख्यतः स्टेरॉइड दो प्रकार के होते हैं

  1. Corticosteroid
  2. Anabolic steroid

Corticosteroid

आइए बात करते हैं corticosteroid के बारे में यह एक प्रकार का मानव निर्मित स्टेरॉयड है, जिसे दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है cancer, अर्थराइटिस, अस्थमा, जैसी गंभीर बीमारियों के लिए corticosteroid का उपयोग किया जाता है।

Corticosteroid श्वास नली में सूजन और म्यूकस उत्पादन को कम करने के लिए एक बेहतर उपचार माना जाता है। डॉक्टर इसका उपयोग सूजन को कम करने के लिए भी करते है ।

Anabolic steroid

हम बात करते हैं, एक महत्वपूर्ण स्टेरॉयड जिसका नाम अनाबॉलिक स्टेरॉइड्स है। यह एक प्रकार का सिंथेटिक steroid है, जो हमारे शरीर में हारमोंस को बढ़ाता है।

मुख्य रूप से इस स्टेरॉइएड का उपयोग बॉडीबिल्डर्स तथा एथलीट्स द्वारा अपने मांसपेशियों को बढ़ाने इसके निरंतर उपयोग से हमारे शरीर में हार्मोन testosterone or hydro testosterone की मात्रा बढ़ जाती है।

अनाबॉलिक का उपयोग करने से हमारे शरीर में प्रोटीन की मात्रा में वृद्धि हो जाती है, जिससे हमारे शरीर में सेल्यूलर उत्तक का विकास होता है, जिसके फलस्वरूप हमारे शरीर केे मांस पेशियों का भी विकास होता है।

इसे भी पढ़े –Dianabol क्या होता है ,फायदे तथा नुकसान,Dianabol के साइड इफेक्ट

स्टेरॉयड कैसे लेना चाहिए? (steroid kaise Lena chahiye?)

Steroid testosterone hormone के जैसा काम करता है, इसका उपयोग मुख्यत मसल्स को ग्रो करने के लिए किया जाता है।

डॉक्टर्स भी इसका उपयोग जरूरत पड़ने पर करते हैं, परंतु इसका उपयोग हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकता है। स्टेरॉयड लेने की मुख्यतः दो प्रक्रिया है।

  1. कैप्सूल के द्वारा
  2. इंजेक्शन के द्वारा
    इसका उपयोग cycling stacking pyramiding के द्वारा लेना चाहिए।

हमें स्टेरॉयड लेने से पहले किसी अच्छे डॉक्टर या फिर अच्छे कोच से सलाह, मशवरा करने की आवश्यकता है। जो अपने कार्य क्षेत्र में सर्टिफाइड हो।

स्टेरॉइएड के इस्तेमाल से पहले हमें अपने शरीर में कुछ जांच को करवाना जरूरी होता है, अन्यथा बाद में हमें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

स्टेरॉयड लेने से पहले हमें जांच की तीन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, पहली प्रक्रिया की शुरुआत तब होती है जब हम स्टेरॉइएड लेना शुरू करते हैं, दूसरी प्रक्रिया की शुरुआत तब होती है।

जब हमें स्टेरॉयड की आधी प्रक्रिया को पूरी कर चुके हो और तीसरी स्टेरॉयड की आवश्यकता हमें तब पड़ती है, जब हम स्ट्राइड को लेना खत्म कर चुके हो।

हमने आपको ऊपर बताया कि स्टेरॉयड काम कैसे करता है, उसे लेने की प्रक्रिया के बारे में भी हमने आपको बताया इस प्रकार अगर आप  स्टेरॉयड नहीं लेते हैं तो आपको कई नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

जब भी आप जिम में वेट उठाते हैं, तो आपकी मसल्स फाइबर्स डैमेज होती है, मगर बॉडी नई मसल को बनाती है “प्रोटीन strands” से जिससे कि मसल फाइबर रिपेयर होते हैं, समय बीतने के साथ यह प्रोटीन स्ट्रेंथ इनक्रीज होती है।

मोटाई में और संख्या में जब मसल प्रोटीन सिंथेसिस मसल प्रोटीन ब्रेकडाउन से ज्यादा हो जाता है तो मसल ग्रो करता है।

इस प्रोटीन सिंथेसिस कम बढ़ना टेस्टोस्टरॉन नामक हार्मोन द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इस वजह से यह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन हमारे शरीर में मसल ग्रोथ के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

इसी वजह से पुरुषों में महिलाओं के मुकाबले ज्यादा मसल मास होता है, क्योंकि उनके पास ज्यादा मात्रा में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन होता है।

कोशिका में स्टेरॉइड आसानी से घुस जाता है और एंड्रोजन रिसेप्टर के साथ बंद हो जाता है।

इस वक्त पर वह आसानी से केंद्रक में मूव कर जाता है और आपके डीएनए के साथ अटैच हो जाता है।

इसी के साथ ही यह सैकड़ों जींस को एक्टिवेट करता है, जिससे कि वे प्रोटीन सिंथेसिस ज्यादा मात्रा में करने लगते हैं और साथ ही साथ आपका प्रोटीन ब्रेकडाउन कम मात्रा में होने लगता है।

जो लोग स्टेरॉयड लेते हैं उनमें 3 से 5 गुना ज्यादा nuclei होता है।

इस वजह से आपका प्रोटीन सिंथेसिस बढ़ जाता है और प्रोटीन ब्रेकडाउन कम होने से आपका मसल तेजी से ग्लो करता है इस तरीके से स्टेरॉयड काम करता है।

स्टेरॉयड के फायदे? (steroid ke fayde?)

आइये बात करते है स्टेरॉयड के फायदे बारे में 

  1. स्टेरॉयड को लेने से हमारे शरीर के मसल्स का स्ट्रैंथ बढ़ता है।
  2. स्टेरॉयड का सेवन करने से हमारे शरीर में फैट कम होता है और मसल्स इंप्रूव(improve) होता है।
  3. इसके साथ ही स्टेरॉयड हमारे बॉडी के हीलिंग कैपेसिटी को बढ़ाता है, इसकी मदद से हमें एक्सरसाइज करने के बाद रिकवर करने में मदद मिलती है।
  4. हीलिंग कैपेसिटी को बढ़ाने से एक एक्सरसाइज को बार-बार कर सकते हैं इससे आपको ज्यादा तकलीफों का सामना नहीं करना पड़ेगा इसका कारण यह है कि आपके बॉडी की फीलिंग कैपेसिटी बढ़ जाती है।
  5. यह हमारे मसल्स के आकार को बढ़ाने में मदद करता है, हमारे शरीर के हिसाब से टेस्टोस्टरॉन बढ़ जाते हैं। जिसके कारण हमारे लेग्स बायसेप्स की मसल्स अधिक इंप्रूव करते हैं।

इससे भी पढ़े –केसीन क्या होता है? इसके फायदे, नुक्सान क्या है? और यह क्यों ज़रूरी है?

Steroid के नुकसान? (steroid ke nuksan)

अभी तक हमने बात की स्टेरॉयड से जुड़े सभी फायदे तथा स्ट्रोइएड कैसे लिया जाता है, स्टेरॉयड लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा किया है तो, हम बात करते हैं।

इससे होने वाले नुकसान के बारे में हमें हमारे शरीर को अंदर से जिंदा रखने के लिए लिवर किडनी बेहद महत्वपूर्ण होता है।

steroid

हमारा लीवर हमारी बॉडी से जहरीले पदार्थ को बाहर निकालता है तथा साथ ही किडनी हमारे शरीर में एक फिल्टर का काम करता है, जो हमारे शरीर के वेस्ट मटेरियल को निकालने में मदद करता है।

अगर ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड लेते हैं तो इसका सीधा- सीधा इफेक्ट किडनी और लीवर पर पड़ता है।

जब हम इस स्टेरॉयड को लेना शुरू करते हैं तो हमारे बॉडी में हारमोंस डिसऑर्डर की समस्या शुरू हो जाती है, जैसे अंग्रेजी में इसे gyno कहां जाता है।

स्टेरॉयड आपके शरीर में पृष्ठ टिशु को बढ़ाने लगते हैं। इस लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए स्टेरॉयड के ज्यादा इस्तेमाल से हमारे शरीर में वाटर रिटेंशन की समस्या बढ़ जाती है।

जिससे हमारे शरीर में हाई ब्लड प्रेशर और किडनी की समस्या सामने आती है।

डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट से पता लगता है कि ज्यादा मात्रा में anabolic storoid लेने से हमारे वीर्य का काउंट को कम कर देता है।

जिससे हमारे रिप्रोडक्शन रीप्रोडक्टिव सिस्टम पर असर पड़ता । इसके कारण अगर आप नियम से स्टेरॉयड का सेवन कर रहे हैं तो आप संतान सुख से वंचित रह सकते हैं।

स्टेरॉयड को ज्यादा मात्रा में लेने से कार्डियोवैस्कुलर की बीमारी भी बढ़ जाती है जिससे आम तौर पर हार्ट फेल का खतरा बढ़ जाता है low density lipoprotein (LDL) के बढ़ने की वजह से स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना कि हमें स्टेरॉइड से क्या फायदे हैं, स्टेरॉइड हमारी स्ट्रैंथ को बढ़ाता है और यह हमारे शरीर के फैट को कम करता है, साथ ही मसल्स को इंप्रूव करने का काफी अच्छा विकल्प माना जाता है।

ये हमारी हीलिंग कैपेसिटी को भी बढ़ाता है जिससे हमें एक्सरसाइज करने के बाद हमारी शरीर को रिकवर करने में मदद करता है।किसी भी सप्लीमेंट का उपयोग करना लाभकारी तो होता है।

इसका ओवरडोज करने से अर्थात ज्यादा सेवन से आपके शरीर पर कई तरह के दुष्प्रभाव पड़ते हैं। स्टेरॉइड के ज्यादा सेवन से हमारी किडनी तथा लीवर पर काफी दुष्प्रभाव पड़ता है जिससे कार्डियो वैक्स कूलर की बीमारी की आशंका बढ़ जाती है।

जिससे आमतौर पर हार्ट फेल होने की खतरा बना रहता है, इसलिए स्टेरॉइड का उपयोग ज्यादा मात्रा में बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

हमने आपको इस लेख में स्टेरॉइड से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां दी है, जैसे स्टेरॉयड लेने के फायदे उनके नुकसान तथा स्टेरॉइड लेने के तरीके आदि के बारे में बात की है आशा करते हैं।

हमारे द्वारा स्टेरॉइड पर लिखा ये आर्टिकल आपको पसंद आया होगा इस तरह की और जानकारी लेने के लिए आप हमें कमेंट कर सकते है। हम आपके लिए सदैव तत्पर है।

fitdumbbell हेल्थ कम्युनिटी से जुड़ने और हेल्थ रिलेटेड अपने सवाल पूछने के लिए यहां क्लिक करें।

fitdumbbell group

धन्यवाद।।