यह एक बीमारी की तरह लोगो में फैलता हुआ नजर आ रहा है क्या आप भी कहीं ना कहीं Gaming disorder डिजीज की शिकार तो नहीं हो रहे।

विषय सूची

  1. गेमिंग डिसऑर्डर (gaming disorder)
  2. गेमिंग डिसऑर्डर के लक्षण (Gaming disorder symptoms)
  3. गेमिंग डिसऑर्डर की लत को कैसे रोकें (How to prevent gaming disorder addiction)

आज के समय में दुनिया भर के लोगो में गेमिंग को लेकर दीवानगी बढ़ रही है, आज के युवा पीढ़ी अपना अधिकतम समय गेमिंग में ही दे रहे है, गेम खेलने में ही समय व्यतीत कर रहे हैं।

इस एडिक्शन से शरीर पर किस प्रकार के प्रभाव पड़ते हैं और आपके जीवन शैली इस एडिक्शन के वजह से किस प्रकार के बदलाव नजर आएंगे।

आज के इस लेख में हम गेमिंग डिसऑर्डर या एडिक्शन के बारे में जानेंगे और यह भी जानेंगे कि गेमिंग एडिक्शन के लक्षण किस प्रकार से दिखाई देते है।

गेमिंग डिसऑर्डर – Gaming Disorder in Hindi

Gaming disorder

गेमिंग डिसऑर्डर

सन 2018 में अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण (आईसीडीसी-11) में गेमिंग बेकार को वर्गीकृत किया है W.H.O के अनुसार गेमिंग डिसऑर्डर एक प्रकार का रोग की संज्ञा दी गई है।

यह अंतरराष्ट्रीय वर्गीकरण रोग (ICD-11) गेमिंग या गेम को खेलने के विशेषता गेमिंग को दी गई प्राथमिकता बढ़ना यह इस हद तक गेम खेलना की अन्य प्रकार के कार्य में अरुचि दिखाना और अपना अत्यधिक समय अपने गेमिंग में अपने समय को व्यतीत करना यह गेमिंग डिसऑर्डर रोग की संज्ञा दी गई है।

गेमिंग डिसऑर्डर डिजीज से पीड़ित व्यक्ति अपने गेमिंग को प्रथम प्राथमिकता देता है, जिससे उनके अपने व्यवहार में नकारात्मक प्रभाव मानसिक विकार से ग्रसित हो जाते है।

गेमिंग डिसऑर्डर लक्षण – Gaming Disorder Symptoms in Hindi

Gaming disorder

गेमिंग डिसऑर्डर लक्षण

  1. डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार गेमिंग से जुड़े विकार व्यक्ति को कम से कम 12 महीने तक इन सभी प्रकार की विशेषताएं इन में नजर आती है।
  2. उनके गेमिंग आदतों पर उनका कोई भी नियंत्रण नहीं होता है और वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय गेम खेलने देते हैं।
  3. अपनी किसी अन्य कार्य में किसी प्रकार की रुचि ना दिखाना जैसे अपने दैनिक जीवन के मूल कार्य को भी करने में अरुचि दिखाना इस प्रकार के लक्षण नजर आते है
  4. इस प्रकार के व्यक्ति गेमिंग में अपने अधिक समय व्यतीत करते हैं और वे लोग अपने शारीरिक कष्ट तथा मासिक दिक्कतों को भी नजरअंदाज करते हैं।
  5. गेमिंग को लेकर इनका व्यवहार इतना ज्यादा गंभीर हो जाता है कि वह पारिवारिक और सामाजिक जीवन से भी कटाव करने लगते हैं।
  6. गेम में ज्यादा समय कुछ दिनों तक देने के बाद व्यक्ति चिंता विकार, डिप्रेशन, तनाव इन सभी से ग्रसित हो जाता है।
  7. कई दिनों तक तथा कई महीनों तक गेमिंग की आदत बनी रही तो व्यक्ति मोटापा जैसी भी समस्या से ग्रसित हो सकते हैं।
  8. अगर इनके गेमिंग कंसोल को हटा दिया जाए तो इनमें यह लक्षण वापस लेने लगते हैं जैसे कि उनमें उदासी, चिंता, चिड़चिड़ापन, व्यवहार में नियंत्रण का ना होना यह सभी प्रभाव इनमे नजर आने लगता है।

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गेमिंग एडिक्शन से बचाव कैसे करें – How to Prevent Gaming Addiction in Hindi

अगर आपको इस बात का अंदाज या आपको किसी अन्य व्यक्ति को देखकर इस बात का अंदाज लग चुका है कि वह व्यक्ति गेमिंग एडिक्शन से ग्रसित है तो आप उस व्यक्ति को किसी मनोचिकित्सक से काउंसलिंग जरूर करवाएं जब तक कि आप इस बात को लेकर सुनिश्चित ना हो जाएं कि इस व्यक्ति के गेमिंग एडिक्शन में कमी आई है।

ऐसे रोग से ग्रसित व्यक्ति को अपने सामाजिक जीवन में भी अपने समय को जरूर व्यक्त करना चाहिए।

अगर आप गेमिंग एडिक्शन को नहीं कम कर पा रहे हैं तो आप गेम खेलने के समय में हर दिन लगभग 20 मिनट की भी अगर कटौती करते हैं तो एक समय के बाद अब अपनी इच्छा के अनुसार ही गेम खेलने के लिए अग्रसर होंगे।

हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से Gaming disorder के बारे में जानकारी दी तथा इससे जुडी अन्य जानकारी जैसे गेमिंग डिसऑर्डर के लक्षण किस प्रकार के नजर आते है।

गेमिंग एडिक्शन से बचाव कैसे करें यह सभी जानकारी के बारे में आपको बताया हमें उम्मीद है हमारे द्वारा लिखा हुआ यह लेख आपको पसंद आया होगा इस लेख से संबंधित यदि आपके मन में कोई प्रश्न उत्पन्न हो रहा है तो आप अवश्य ही हमें कमेंट करके बताएं।

धन्यवाद।