एग्जिमा (Eczema) हमारी त्वचा में होने वाला एक सामान्य रोग है इसके पीछे एलर्जी व अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं यह किसी अन्य चीज के संपर्क में आने की वजह से भी हो सकता है या फिर वातावरण में आया अचानक से बदलाव भी एक्जिमा का कारण हो सकता है, एग्जिमा को त्वचाशोथ के रूप में भी जाना जाता है जो हमारी त्वचा के अत्यधिक सूखे होने की वजह से उत्पन्न होता है।
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इसके लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, यह रोग संक्रामक नहीं है इसलिए आपको यह किसी एग्जिमा से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से नहीं हो सकता है। त्वचा में अत्यधिक खुजली होना लाल चकत्ते पड़ना एग्जिमा के प्रमुख लक्षणों में से एक माना गया है।
एक्जिमा (Eczema) को त्वचा शोथ के रूप में भी जाना जाता है जो त्वचा के सूखे होने की स्थिति में होता है, यह एक प्रकार से अत्यधिक व्यक्तिगत स्थिति है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं, एग्जिमा की समस्याएं अलग-अलग रूपों में उभरकर सामने आती है।
यह रोग संक्रामक नहीं है इसलिए यह आपको किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से नहीं हो सकता है एग्जिमा होने की स्थिति में त्वचा सूखी, पपड़ी दार लाल,खुजलीदार हो जाती हैं, एग्जिमा के गंभीर मामलों में अत्यधिक खुजली के साथ-साथ रक्त स्त्राव भी होने लगता है।
एग्जिमा हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है लेकिन मुख्य रूप से इनकी शिकायतें बच्चों में अधिक देखी गई है जिन्हें बचपन के दौरान ही एक्जिमा का सामना करना पड़ता है उन्हें संभवत उम्र भर एक्जिमा (Eczema) की समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है।

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एग्जिमा होने का क्या कारण है? (Eczema hone ka kya karan hai? )
एग्जिमा (Eczema) होने की स्थिति में त्वचा पर अत्यधिक खुजली और लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं हालांकि यह एग्जिमा के प्रकार पर निर्भर करता है एग्जिमा होने के पीछे सही कारणों की सटीक जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है लेकिन कुछ ऐसे कारण हैं जो एक्जिमा की समस्या को शुरू करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आहार भी बन सकते हैं एक्जिमा के कारण
आपके द्वारा रोजाना लिया जाने वाला आहार एग्जिमा के कारणों को ट्रिगर कर सकता है लेकिन यह हर व्यक्ति में अलग-अलग कारणों से भी हो सकते हैं, यदि अपने दैनिक जीवन में आप इन आहारों को शामिल करते हैं जैसे- खट्टे भोजन, दही, अचार, सिरका, मछली, अंडे आदि।
कई आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक नमकीन और मसालेदार भोजन भी एक्जिमा की समस्या को बढ़ाता है इतना ही नहीं इन सभी खाद्य पदार्थ का सेवन एक्जिमा की समस्याओं को और भी गंभीर बना सकते हैं।
एक्जिमा के लिए अनुवांशिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं
हालांकि एग्जिमा (Eczema) के सटीक कारणों की जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है लेकिन ऐसा पाया गया है कि यदि माता एवं पिता में से किसी को भी एग्जिमा की समस्या पहले से रही हो तो हो सकता है कि उनके बच्चे को भी भविष्य में एक्जिमा की समस्या हो सकती है।
एलर्जी के कारण भी एक्जिमा हो सकता है
जब आप किसी ऐसे पदार्थ के संपर्क में आते हैं जो एग्जिमा और ट्रिगर कर सकता है जिसकी वजह से आपके शरीर में असामान्य प्रतिक्रियाएं होती हैं जैसे- धूल के कण, पराग, बैक्टीरिया, वायरस, कवक आदि।
त्वचा की देखभाल के अभाव के कारण
यदि आप उच्च गुणवत्ता वाले सौंदर्य प्रसाधन जैसे- शैंपू, तेल और साबुन का इस्तेमाल नहीं करते खासकर जिनमें डिटर्जेंट की मात्रा अधिक पाई जाती है, जिसके परिणाम स्वरूप त्वचा में एक्जिमा (Eczema) की स्थिति को पैदा कर सकते हैं, इसके अलावा अधिक गर्म और ठंड का मौसम जैसे कुछ पर्यावरणीय कारण एक्जिमा की स्थिति को पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं।
अत्यधिक तनाव भी एक्जिमा के प्रमुख कारणों में से एक है
हालांकि तनाव एक्जिमा की प्रमुख कारणों में से एक है इस बात की सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अत्यधिक तनाव भी एक्जिमा के कारणों को बढ़ता है ऐसी स्थिति में आपको अपने काम के प्रति थोड़ा सरल होने की आवश्यकता है और कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
हार्मोनल बदलाव भी एग्जिमा का एक कारण है खासकर महिलाएं ऐसे समय में एक्जिमा (Eczema) का अनुभव कर सकती हैं जब उनके हार्मोन का लेवल बदल रहा होता है उदाहरण के लिए गर्भावस्था के दौरान या फिर मासिक धर्म के दौरान उन्हें एग्जिमा की समस्याएं हो सकती हैं।
एक्जिमा के लक्षण क्या हो सकते हैं? (Eczema ke lakshan kya ho sakte hai?)

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एक्जिमा (Eczema) के लक्षण उसकी स्थिति और व्यक्ति के उम्र के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं, एग्जिमा का एक प्रकार है जिसे एटोपिक एग्जिमा कहा जाता है जिसकी शुरुआत आमतौर पर शिशुओं में होती है ऐसी स्थिति में त्वचा पर सुखी और पपड़ीदार पैच दिखाई पड़ते हैं, इन पैचेज में अक्सर तेज खुजली और जलन उत्पन्न होती है ज्यादातर बच्चों में 5 वर्ष की आयु से पहले एटोपिक एग्जिमा विकसित हो जाता है जो वयस्क होने तक बना रहता है हालांकि इसकी स्थिति कभी कम और ज्यादा होती रहती है।
2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में एक्जिमा के लक्षण
- चकत्ते आमतौर पर सिर और गाल पर ज्यादा दिखाई देते हैं।
- अत्यधिक खुजली होने के साथ प्रभावित स्थान पर इकट्ठा तरल पदार्थ बहने लगता है, जिसकी वजह से त्वचा पर दरारें आ जाती हैं।
- प्रभावित स्थान पर लाल चकत्ते अत्यधिक खुजली का कारण बन सकते हैं जिसकी वजह से नींद में बाधाएं उत्पन्न हो जाती हैं, और लगातार प्रभावित स्थान को खरोच ने से त्वचा संक्रमित हो जाती है।
- युवावस्था से लेकर 2 वर्ष तक की आयु के बच्चों में लक्षण खासकर कोहनी घुटने अथवा जोड़ों के हिस्सों को ज्यादा प्रभावित करते हैं।
- गर्दन, कलाई टखनों और कूल्हे बीच में भी एक्जिमा के लक्षण दिखाई पड़ते हैं यह स्थिति बेहद ही पीड़ादायक होती है।
- समय के साथ साथ एग्जिमा के लक्षणों में बदलाव आ सकता है जैसे- चकत्ते के रंग गहरे लाल अथवा काले भी हो सकते हैं, यदि समय रहते ही इसका उपचार उचित ढंग से ना किया जाए तो यह शरीर के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को प्रभावित कर सकता है।
वयस्कों में दिखाई देने वाले लक्षण
- ज्यादातर वयस्कों के कोहनी घुटने और गर्दन के बीचो बीच लाल चकत्ते दिखाई पड़ते हैं।
- यदि समय रहते एग्जिमा का उचित उपचार ना किया जाए तो यह शरीर के 50% हिस्से को कवर कर सकते हैं।
- वयस्कों में यह चकत्ते गर्दन, चेहरे और आंखों के पास ज्यादा दिखाई पड़ते हैं।
- लंबे समय तक एग्जिमा की समस्या होने पर संक्रमण हो सकता है।
- बच्चों की तुलना में वयस्कों में एग्जिमा की शिकायत अत्यधिक गंभीर रहती है।
atopic dermatitis से प्रभावित त्वचा इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति द्वारा खुजलाया गया प्रभावित स्थान संक्रमित है की नही है, ऐसी स्थिति में प्रभावित स्थान पर जलन और खुजलाहट तेज हो जाती है जिसकी वजह से काफी तकलीफ होता है।
एग्जिमा का उपचार क्या हो सकता है? (Eczema ka upchar kya ho sakta hai?)

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जैसा कि हमने आपको जानकारी दी है कि अभी तक एग्जिमा के सटीक इलाज को नहीं ढूंढ पाया गया है, लेकिन एग्जिमा के लक्षणों को भड़कने से रोकने के लिए डॉक्टर व्यक्ति के उम्र लक्षण और स्वास्थ्य के वर्तमान स्थिति के आधार पर उपचार करने का सुझाव देते हैं, कुछ लोगों का एग्जिमा समय के साथ-साथ ठीक हो जाता है वही दूसरे लोगों में यह स्थिति आजीवन बनी रहती है।
एग्जिमा को ठीक करने के घरेलू उपचार क्या है?
- ऐसी कई चीजें हैं जो एग्जिमा से ग्रसित लोगों की त्वचा को स्वस्थ रखने का समर्थन करते हैं साथ ही यह एक्जिमा के लक्षणों को भी ठीक कर सकते हैं।
- गुनगुने पानी से स्नान करना अर्थात जिन लोगों को गुनगुने पानी से स्नान करने के बाद एग्जिमा की समस्या और बढ़ जाती है उन्हें यह उपाय नहीं आजमाना चाहिए।
- नहाने के तुरंत बाद अपने शरीर को सुखाकर उस पर मॉस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है।
- सूती मुलायम अथवा आरामदायक कपड़ों को पहनना चाहिए।
- खराब क्वालिटी के साबुन, क्लींजर तथा डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
- एग्जिमा के लक्षणों को समझना एग्जिमा को बढ़ने से रोक सकता है।
- बरसात के मौसम में अपनी त्वचा का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है, अन्यथा यह एग्जिमा की समस्या को ट्रिगर कर सकते हैं।
- नाखूनों को हमेशा छोटा रखने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि नाखूनों में जमने वाली गंदगी भी एक्जिमा की समस्या को ट्रिगर कर सकता है।
ऐसा हो सकता है कि आप अभी तक एग्जिमा (Eczema) की समस्या से ग्रसित नहीं है, लेकिन आप इन उपचार को अपने जीवन शैली में उतार कर एग्जिमा की समस्या से लड़ सकते हैं, यदि एग्जिमा की समस्या पूरी तरह से ठीक हो चुकी है फिर भी आप इन उपचारों को आजमाते रहे क्योंकि यह आसानी से फिर उभर सकते हैं।
एग्जिमा कितने प्रकार के होते हैं? (Eczema kitne prakar ke hote hai?)
एलर्जिक कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस (Allergies contact dermatitis) कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस के सूजन एक लाल खुजली वाले दाने हैं, यह किसी पदार्थ के सीधा संपर्क में आने की वजह से इसकी समस्याएं हो सकती हैं यह दाने संक्रमण या जानलेवा तो नहीं होते, लेकिन यह बेहद ही असुविधाजनक हो सकते हैं ऐसी कई वस्तुएं हैं जिनके संपर्क में आने से यह समस्याएं हो सकती हैं, जैसे- साबुन, सौंदर्य प्रसाधन, डियोड्रेंट, आर्टिफिशियल गहने और पौधे आदि।
कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस के सूजन का सफलतापूर्वक इलाज कराने के लिए समस्या के कारण और लक्षण का पता होना बेहद जरूरी है यदि आप ऐसी वस्तुओं से बचाव कर लेते हैं, तो 2, 4 सप्ताह के भीतर भीतर इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है, इसके अलावा आप एंटीसेप्टिक क्रीम या मलहम का भी उपयोग कर सकते हैं।

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डिहाइड्रोटिक एग्जीमा ( Dyshidrotic eczema) यह एक एग्जिमा सामान्य रूप से हाथ की उंगलियों, पैर की उंगलियों, हथेलियों और पैरों के तलवे पर होते हैं, ऐसी स्थिति में आपको छोटे-छोटे खुजली वाले फफोले भी हो सकते हैं इसकी समस्या आमतौर पर बरसात के मौसम में ज्यादा देखने को मिलती है यह फफोले 3 सप्ताह तक रह सकते हैं कभी-कभी यह बेहद दर्दनाक भी हो सकते हैं, जैसी जैसी इसके छाले सूखने लगते हैं वैसे ही ये फफोले त्वचा को दरार में बदल देते हैं।
ऐसी स्थिति में आपकी त्वचा मोटी तथा स्पंजी हो सकती है खासकर यह तब होता है, जब आप एग्जिमा से प्रभावित स्थान पर ज्यादा खुजली करते हैं, डिहाड्रोटिक एक सीमा का कोई इलाज तो नहीं है लेकिन इसके लक्षणों में जल्द ही सुधार किया जा सकता है या बिल्कुल भी संक्रमण नहीं है अन्यथा या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैल सकते है।
डिहाड्रोटिक एग्जिमा के कारण क्या है
- अत्यधिक तनाव
- लंबे समय तक धूप में रहना
- अत्यधिक पसीना तथा लंबे समय तक पानी में रहना
- रोजाना इस्तेमाल करने वाली वस्तुओं के संपर्क में रहने से ।
- डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ का अधिक सेवन करने से।
- अत्यधिक मांसाहार भोजन करने से।
न्यूरोडर्मेटिटिस एग्जिमा (Neuro dermatitis)
न्यूरोडर्मेटिटिस होने पर त्वचा में खुजली वाले पैच की सुरूआत हो जाती है प्रभावित स्थान को ज्यादा खुजलाने से इसकी स्थित और भी गंभीर हो जाती है, और त्वचा भी सूज जाया करती है आमतौर पर यह गर्दन, पैर,पीठ और कूल्हों पर होती है न्यूरोडर्मेटिटिस जिसे लिचेन सिम्पलेक्स क्रोनिक के रूप में वही जाना जाता है यह बिल्कुल भी गंभीर समस्या नहीं है अर्थात यह संक्रमण भी नहीं यह एक व्यक्ति से अन्य व्यक्ति में नहीं फैलता है इसके उपचार के लिए प्रभावित स्थान को खरोचना तथा रगड़ना कम करना होगा अन्यथा इसकी समस्या और भी अधिक होने लगती है ऐसी स्थिति में न्यूरो डर्मेटिटिस आपके नींद की गुणवत्ता को भी कम कर सकता है।
जब आप प्रभावित स्थान पर ज्यादा खुजली करते हैं जब यह समस्या आपकी नींद को प्रभावित करने लगे, त्वचा में दर्द व संक्रमण के लक्षण दिखाई देने लगे ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए अन्यथा इसके जख्म और भी गंभीर हो सकते हैं।
न्यूरोडर्मेटिटिस के कारण क्या हो सकते हैं?
न्यूरोडर्मेटिटिस के कारण अभी तक अज्ञात है लगातार एक ही स्थान पर लंबे समय से खुजली करने पर यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है आप जितनी प्रभावित स्थान पर खुजली करते हैं यह समस्याएं उतने बढ़ने लगते हैं हालांकि कुछ मामलों में न्यूरोडर्मेटिटिस पुरानी अथवा सूखी त्वचा अत्यधिक तनाव या सोरायसिस की वजह से ट्रिगर हो जाते हैं।
न्यूमुलर एग्जिमा (Nummrul Eczema)

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न्यूमुलर एग्जिमा को आमतौर पर ( nummrul dermatitis) या discoid एक सीमा के नाम से भी जाना जाता है या समस्या बेहद ही पुरानी है, और हमारे आसपास इस समस्या से काफी लोग ग्रसित होते रहते हैं यह हमारी त्वचा की प्रभावित हिस्सों पर सिक्के के आकार का धब्बा पैदा करती है, यह धब्बे अधिक खुजली पैदा करने के लिए जाने जाते हैं, न्यूमुलर एग्जिमा की शुरुआत अक्सर त्वचा पर चोट लगने के बाद दिखाई पड़ते हैं इसके अलावा या कीट काटने घर्षण या जलन के बाद भी हो सकते हैं इसके पैच आपको कई महीनों तक परेशान कर सकते हैं।
एग्जिमा महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में ज्यादा होती है पुरुषों में यह आमतौर पर 50 से 60 वर्ष की उम्र के बीच अधिक होती है, अर्थात महिलाएं इस एग्जिमा की शिकार अपनी युवावस्था के दौरान होती हैं, न्यूमुलर एग्जिमा को यूं ही छोड़ देना इसको और भी गंभीर बना सकते हैं ऐसे में बेहतर होगा कि उसके लक्षण का पता चलते ही डॉक्टर से संपर्क करें न्यूमुलर एग्जिमा संक्रमण पैदा नहीं करते इसलिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से नहीं हो सकता है।
न्यूमुलर एग्जिमा के कारण क्या है
न्यूमुलर एग्जिमा का मुख्य कारण क्या है इसकी सटीक जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है लेकिन कुछ कारण है जिसकी वजह से यह समस्या को ट्रिगर कर सकते हैं।
- तापमान में अचानक से परिवर्तन होना
- अत्यधिक तनाव
- रूखी त्वचा का होना
- गलत साबुन तथा सौंदर्य प्रसाधन का चुनाव करना
- किसी भी प्रकार की सर्जरी अथवा चोट का ठीक होने के बाद ।
स्टैसिस डर्मेटिटिस (Stasis dermatitis)
स्टैसिस डर्मेटिटिस नामक एग्जिमा एक लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है, जो ज्यादातर पैर के निचले हिस्सों में होती है ऐसी स्थिति में अत्यधिक खुजली एवं अल्सर की समस्या हो सकती है। यह समस्या खासकर उन लोगों में ज्यादा होती है जो लोग चलने में अर्थात शारीरिक गतिविधियां करने में असमर्थ होते हैं यह मुख्य रूप से पैरों के रक्त प्रवाह को प्रभावित करती है जैसे कि पुरानी शिरापरक, वैरिकाज़ के नसों में खून का प्रवाह धीमा हो जाना जैसी समस्याएं इसके मुख्य कारण है।
सटैसिस डर्मेटिटिस को आमतौर पर ग्रेविटेशनल डर्मोटिटिस, शिरापरक डर्मेटिटिस, या वैरिकाज़ एग्जिमा भी कहा जाता है राष्ट्रीय एग्जिमा एसोसिएशन के अनुसार इसकी समस्या ज्यादातर 50 वर्ष की उम्र के बाद ही होती है।
सटैटिस एग्जिमा होने का क्या कारण है?
स्टैटिस डर्मेटिटिस उन परिस्थितियों में लोगों के शरीर में विकसित होता है जब प्रभावित स्थान पर रक्त प्रवाह कम हो जाता है इसका जिम्मेदार क्रोनिक शिरापरक की कमी को भी माना गया है। क्रोनिक शिरापरक की कमी एक ऐसी स्थिति है जिसमें पैरों की नसों के वाल्व सही ढंग से कार्य नहीं करते हैं जिसके परिणाम स्वरूप रक्त पैर के पिछले हिस्से और पुल में बह सकता है।
इस पुलइंग ब्लड की वजह से पैरों की नसों में दबाव पड़ने की वजह से पैर सूज जाते हैं। जिससे स्टैटिस डर्मेटिटिस की समस्या हो सकती है।
स्टैटिस एग्जिमा के उपचार क्या है?
- स्टैटिस डर्मेटिटिस के उपचार का लक्ष्य इसे पूर्ण रूप से ठीक करना तथा रक्त के प्रवाह की स्थिति में सुधार करना होना चाहिए।
- रक्त के बहाव को बढ़ावा देने वाले संपीड़न मोजे का इस्तेमाल करें।
- बैठते वक्त पैरों को ऊंचे स्थान पर रखकर बैठे हैं ऐसा करने से दर्द में राहत मिलता है।
- डॉक्टर द्वारा बताए गए आदेशों और दवाओं का समय-समय पर सेवन करते रहें।
- यदि आपका वजन अनियंत्रित है तो उसे नियंत्रित करने की कोशिश करें।
एग्जिमा से जुड़े कुछ सामान्य प्रश्न एवं उनके उत्तर
एग्जिमा (Eczema) का मुख्य कारण क्या है?
अभी तक एक्जिमा के सटीक कारणों की जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई है लेकिन यह हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित कर सकते हैं, और एग्जिमा से प्रभावित व्यक्ति के स्वभाव बेहद ही चिड़चिड़ा हो सकता हैं कुछ हद तक एक्जिमा के लिए अनुवांशिक कारणों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।
एग्जिमा (Eczema) कैसा दिखाई पड़ता है?
आपके हाथ पैर कोहनी गर्दन अथवा घुटने के आसपास लाल चकत्ते पड़ सकते हैं इसके अलावा एक्जिमा आपकी आंखों के आसपास तथा छाती और शरीर के किसी भी हिस्से में दिखाई पड़ सकते हैं, इसकी शुरुआत प्रभावित स्थान पर खुजलाने से होती है।
एग्जिमा (Eczema) में कौन कौन से आहार का सेवन करने से बचना चाहिए?
जो व्यक्ति एग्जिमा से ग्रसित नहीं है उन्हें यह सभी आहार नुकसान नहीं पहुंचाते हालांकि एग्जिमा से ग्रसित व्यक्ति को निम्नलिखित आहार का सेवन करने से बचना चाहिए जैसे- अधिक मात्रा में डेयरी उत्पाद, रेशेदार सब्जियां ग्लूटेन युक्त आहार, अंडा और मछली के सेवन से बचना चाहिए।
एग्जिमा (Eczema) को कैसे ठीक किया जा सकता है?
उच्च गुणवत्ता वाले बॉडी क्लींजर का उपयोग कर एक्जिमा की समस्या से कुछ हद तक राहत पाया जा सकता है ऐसे में यदि आप बाजार में मिलने वाले किसी भी खराब क्वालिटी के सौंदर्य प्रसाधन का उपयोग करते हैं तो यह एग्जिमा को और भी बढ़ा सकता है। ऐसी स्थिति में आपको अपने शरीर और आसपास के वातावरण की साफ सफाई करनी भी बेहद जरूरी है, एग्जिमा होने की स्थिति में आप गर्म पानी से स्नान कर सकते हालांकि कुछ लोगों को गर्म पानी से स्नान करने पर एग्जिमा का उल्टा प्रभाव पड़ सकता है।
क्या एग्जिमा (Eczema) को दूर किया जा सकता है?
इस बात पर सर्च नहीं लगाया जा सकता है कि आप एग्जिमा की समस्या से पूर्ण रूप से छुटकारा पा सकते हैं लेकिन त्वचा का अच्छे से देखभाल तथा उचित उपचार के माध्यम से एक्जिमा के लक्षण को बहुत हद तक कम किया जा सकता है यदि आप एग्जिमा से ग्रसित हैं, तो आपको संवेदनशील पर्यावरण में जाने से बचना चाहिए अन्यथा यह एग्जिमा की समस्या को और भी बढ़ा सकते हैं।
क्या एग्जिमा (Eczema) को स्थाई रूप से ठीक किया जा सकता है?
- यदि आप हमारे द्वारा बताए गए कुछ उपाय को आजमाते हैं तो हो सकता है कि आपको एक्जिमा की समस्या से थोड़ी राहत तो जरूर मिलेगी।
- रोजाना यदि संभव हो तो गर्म पानी से ही नहाने की कोशिश करें।
- नहाने के पश्चात अच्छी क्वालिटी का मोशचराइजर्ड उपयोग करें ताकि त्वचा में नमी बरकरार रहे।
- आपको बहुत अधिक घरों में, स्विमिंग पूलओं में तथा नदियों में नहाने से बचना चाहिए ऐसा करने से एग्जिमा की समस्या और बढ़ सकती है।
- सूती अथवा आरामदायक कपड़ों का ही चुनाव करें।
- एग्जिमा को ट्रिगर करने के कारणों को जानने की कोशिश करें।
- तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें।
क्या एग्जिमा (Eczema) में वैसलीन का उपयोग अच्छा है?
आप अपनी सूखी त्वचा के लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए एग्जिमा से प्रभावित स्थान पर पेट्रोलियम जेली अर्थात वैसलीन का उपयोग कर सकते हैं, हालांकि यह एग्जिमा को पूर्णता ठीक तो नहीं कर सकता लेकिन या एक्जिमा के उपचार के लिए सहायक हो सकता है क्योंकि यह आपकी सुखी और फटी त्वचा की मरम्मत कर उसे नरम बनाने में आपकी मदद करता है।
क्या एग्जिमा (Eczema) के बैक्टीरिया को मारा जा सकता है?
यदि आपको एक्जिमा की समस्या है तो घर में इस्तेमाल करने वाले ब्लीच को हल्के गर्म पानी में डालकर नहाने से त्वचा में अत्यधिक खुजली लालिमा और जलन की समस्या को दूर किया जा सकता है यदि थोड़ी मात्रा में गर्म पानी में ब्लीच डालकर इस्तेमाल किया जाए तो या बच्चों अथवा बुजुर्ग के लिए भी कारगर साबित होता है अर्थात यह एग्जिमा के बैक्टीरिया को भी खत्म करने का काम करता है।
क्या सूर्य की रोशनी एक्जिमा (Eczema) के लिए अच्छा होता है?
जी हां एक अध्ययन के अनुसार यह पता चला है कि अल्ट्रावायलेट रेज की मदद से खुजली वाले त्वचा के घाव में सुधार लाया जा सकता है।
क्या रात में एक्जिमा (Eczema) ज्यादा असरदार हो जाते हैं?
जी हां ऐसे कुछ कारण हैं जिनकी वजह से रात में एक्जिमा और भी असरदार हो जाते हैं क्योंकि सोने से लेकर जगने के बीच यानी रात के वक्त व्यक्ति के शरीर का तापमान कम हो जाता है जिसकी वजह से त्वचा पर खुजली महसूस होती है और नींद में त्वचा पर खरोच की संभावना अधिक रहती है जो व्यक्ति एक्जिमा से प्रभावित हैं उनके लिए रात का वक्त बेहद ही कष्टदायक होता है।
क्या एलोवेरा एग्जिमा (Eczema) में फायदा करता है?
एलोवेरा त्वचा को ताजगी व ठंडक देने के लिए सबसे अच्छा उपचार माना गया है ऐसे में एक्जिमा के दौरान यदि प्रभावित स्थान पर एलोवेरा के जेल का उपयोग किया जाए तो यह एग्जिमा को काफी हद तक नियंत्रित करता है, एलोवेरा के जेल को विटामिन के तेल के साथ मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से काफी राहत मिलता है ऐसा करने से तो अच्छा पोषण मिलता है तथा सूजन से भी राहत मिलता है।
क्या नीम का तेल एग्जिमा (Eczema) में राहत पहुंचाता है?
नीम के तेल में anti-inflammatory गुण मौजूद होते हैं इसके अलावा नीम का तेल त्वचा में नमी बरकरार रहता है नीम का तेल नीम का तेल एग्जिमा के सूजन को कम कर संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा भी प्रदान करता है, इसे आप जैतून के तेल में मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगा सकते हैं इससे आपको जल्द ही राहत मिलेगा।
हमने आपको अपने इस लेख में एक्जिमा (Eczema) के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देने की कोशिश की है हमें उम्मीद है हमारे द्वारा लिखा हुआ एग्जिमा पर यह लेख आपको पसंद आया होगा यदि आपके मन में इसके बाद भी कोई प्रश्न उत्पन्न हो रहा है तो आप हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं हम आपकी सेवा में सदैव तत्पर हैं।
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धन्यवाद।