चिकनपॉक्स वेरिसेल्ला जोस्टर वायरस के फैलने की वजह से होता है यह एक संक्रामक बीमारी है। जो हर उम्र के लोगों को हो सकती है लेकिन ज्यादातर यह छोटे बच्चों को प्रभावित करती हैं। इसे लोग छोटी माता के रूप में भी जानते हैं चिकनपॉक्स, वेरिसेल्ला जोस्टर वायरस के संपर्क में आने से किसी भी व्यक्ति को चिकनपॉक्स हो सकता है यह एक संक्रामक बीमारी है इसलिए यह किसी व्यक्ति के संपर्क में आने या उसे छूने से फैल सकता है लाल एवं खुजली वाले जताते चिकन पॉक्स के लक्षणों को इंगित करते हैं।

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यह संक्रमण खासकर बरसात व ठंड के मौसम में फैलता है, जिनमें आसानी से लोग इस बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं ज्यादातर 10 से 20 वर्ष की उम्र के बीच के बच्चे इस बीमारी के चपेट में आ जाते हैं। यदि व्यक्ति इस बीमारी के लक्षणों की जानकारी रखता है तो इस बीमारी से जल्द ही राहत मिल सकता है यह बीमारी जानलेवा तो नहीं है लेकिन यह रोगियों को परेशान कर सकती हैं। आमतौर पर यह बीमारी 1 से 2 सप्ताह के अंदर ठीक हो जाती हैं।
चिकन पॉक्स के क्या लक्षण है? (Chickenpox ke kya lakshan kya hai?)
चिकन पॉक्स संक्रमण आपको अधिक से अधिक 10 से 15 दिनों के लिए परेशान कर सकते हैं, इस संक्रमण का ज्यादा खतरा 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ज्यादा होता है। इसकी कई अन्य लक्षण है जो शुरुआत होने के एक-दो दिन पहले देखे जा सकते हैं।
- बुखार
- भूख की कमी महसूस होना
- सिर में तेज दर्द बना रहना
- मांस पेशियों में दर्द तथा थकान महसूस करना
- अस्वस्थ महसूस करना।
चिकन पॉक्स के लाल चकते तीन चरणों में खत्म होते हैं।
- उभरे हुए लाल तथा गुलाबी रानी जिसे (पैप्यूल) कहा जाता है। यह लक्षण ठीक होने में काफी दिन लग सकते हैं।
- छोटे द्रव से भरे छाले (vesicles) यह फटने से एक दिन पहले उभरे हुए दानों से बनते हैं।
- क्रस्ट और स्कैब्स (खुजली वाले घाव) जो टूटे हुए फॉल्स को कवर करते हैं, और यह लक्षण सही होने के लिए कई और दिन लेते हैं।
- दाने के साथ-साथ मानसिक, भटकाव, चक्कर आना, दिल की धड़कनों का तेज होना, सांस लेने में समस्या होना, मांस पेशियों में तेज दर्द, खांसी, उल्टी तेज बुखार, आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- नए नए दाने आपको काफी लंबे समय तक परेशान कर सकते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप आपको एक ही समय पर तीनों चरण के चकत्ते हो सकते हैं जैसे- दाने, छाले व खुजली वाले घाव एक बार संक्रमित होने के बाद, आप दाने प्रकट होने के 48 घंटे पहले तक वायरस फैला सकते हैं, और जब तक सभी घाव सूख नहीं जाते तब तक आप संक्रामक रहते हैं।
चिकन पॉक्स होने का क्या कारण है? (Chickenpox hone ka kya karan hai?)
- चिकन पॉक्स जो वेरिसेला-ज़ोस्टर नामक वायरस की वजह से फैलता है, यह रोग बेहद संक्रामक होता है। इसके अलावा यह इंसान की शरीर में काफी तेजी से फैलता है। यह व्यक्ति के छीकने, हवा में फैली बूंदों, या चकत्ते के सीधा संपर्क में आने की वजह से ग्रसित हो सकते हैं।
- चिकन पॉक्स होने का खतरा वयस्कों में भी हो सकता है। यह तभी संभव है कि आज से पहले उन्हें चिकन पॉक्स कभी नहीं हुआ है या फिर उन्होंने चिकन पॉक्स का टीका कभी नहीं लगवाया है।
- यदि वयस्क बच्चों की स्कूल तथा अस्पताल में कार्य करते हो तो भी उन्हें यह संक्रमण फैलने का खतरा रहता है क्योंकि इस संक्रमण की शिकायत बच्चों में ज्यादा होती है जो उनके संपर्क में आने से संक्रमित हो जाते हैं।
- ज्यादातर लोग जिन्हें चिकन पॉक्स हो चुका है या उसके रोकथाम के लिए टीका भी लगवाया जा चुका है तो उनके लिए ज्यादा घबराने की बात नहीं है, क्योंकि टीका लगने के बाद चिकन पॉक्स ज्यादा प्रभावशाली नहीं होते हैं और यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। ज्यादातर लोगों में देखा गया है कि उन्हें एक बार से ज्यादा चिकन पॉक्स नहीं होता है।
चिकन पॉक्स से बचाव के उपाय क्या है? (Chickenpox se bachav ke upay kya hai?)
चिकन पॉक्स बेहद ही आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, यदि आपको पहले कभी चिकन पॉक्स नहीं हुआ है या फिर आपने चिकन पॉक्स की वैक्सीन कभी नहीं लगाई है तो ऐसे में चिकन पॉक्स होने की संभावना अधिक रहती है। यदि आपके बच्चे को चिकन पॉक्स का वैक्सीन नहीं लगा है तो आपका बच्चा असुरक्षित है चिकन पॉक्स के वैक्सीन को लगवाकर आप सुरक्षित हो सकते हैं।
- 12 महीने से कम उम्र के बच्चे को जिन्हें चिकन पॉक्स का वैक्सीन ना लगा हो, उन्हें लगवाना बेहद जरूरी है।
- ऐसे लोग जिन्हें याद नहीं है कि बचपन में चिकन पॉक्स का वैक्सीन उन्हें कब लगा है उन्हें भी वैक्सीन का लगवाना बेहद जरूरी है।
- जो महिलाएं गर्भवती होने की योजना बना रही है उससे पहले चिकन पॉक्स की वैक्सीन जरूर लगवा लें क्योंकि जिन महिलाओं ने गर्भावस्था से पहले चिकन पॉक्स का टीका नहीं लगाया है उनके लिए यह नुकसानदायक हो सकता है, गर्भावस्था होने से पहले वेरिसेला वैक्सीन/टीका लगवाने से गर्भावस्था के दौरान होने वाले चिकेन पॉक्स की जटिलताओं से राहत मिलती है। वैक्सीन के सही समय के बारे में आपको अपने डॉक्टर से अवश्य ही बात करनी चाहिए।
- इस वायरस से ग्रसित लोगों से आपको उचित दूरी बनाने की आवश्यकता है इसकी आवश्यकता तब पड़ती है, जब आप की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहद कमजोर होती है।
- यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में हैं जिसको चिकन पॉक्स है और आपको पता नहीं है कि आपको टिका लगा हैं या नहीं हैं, तो वेरिसेला वैक्सीन का एक शॉट आपको बीमारी से रोक सकता है,या इस बीमारी को हल्का बना सकता है।
चिकन पॉक्स के उपचार क्या हो सकते हैं? (Chickenpox ke upchar kya ho sakte hai?)
Chiken pox ज्यादातर मामलों में यदि रोगी स्वस्थ है तो उसे किसी भी विशेष प्रकार के इलाज की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस रोग से संबंधित डॉक्टर अपने कोर्स को चला कर उपचार कर सकते हैं।
डॉक्टर द्वारा बताए गए दवाओं के कोर्स को अपनाकर इसे जल्द से जल्द ठीक किया जा सकता है। chicken pox टीका स्थिति के विकास को रोकने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। ज्यादातर मामलों में जिन लोगों को टीका लगाया जाता है उन्हें आगे चलकर चिकन पॉक्स होने की संभावना बढ़ जाती है।
- यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ना फैले और जब तक या ठीक ना हो जाए कोशिश करें कि घर से बाहर ना निकले।
- चिकन पॉक्स होने की स्थिति में आपको दांतों से खरोच नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे स्कार्फिंग होने का खतरा बना रहता है।
- आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जितना संभव हो उतना आरामदायक व सूती कपड़ा पहनने की कोशिश करें।
- डॉक्टर आपके खुजली को कम करने के लिए कुछ मलहम को लगाने का सुझाव दे सकते हैं।
- संक्रमण से बचने के लिए अपने आप को साफ सुथरा रखने की कोशिश करें।
- मांस पेशियों में होने वाले दर्द को कम करने वाली दवाइयां या फिर खुजली को कम करने वाली दवाइयों का इस्तेमाल बिना डॉक्टर से संपर्क किए बिना सेवन ना करें इससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
चिकन पॉक्स के घरेलू उपचार क्या है? (Chicken pox ke gharelu upchar kya hai?)
खानपान तथा जीवन शैली में आए बदलाव का एक कारण हो सकता Chicken pox है, शरीर में खुजली होना लाल चकते फफोले आदि इनके प्रमुख लक्षणों में से एक है ठंड के मौसम का खत्म होते ही गर्मी के मौसम की शुरुआत हो जाती है ऐसे में यदि अपने शरीर का ध्यान सही से नहीं रखा जाए तो यह हमारे शरीर को कई प्रकार के वायरल संक्रमण दे सकते हैं जैसे- चिकन पाक्स, खसरा, काला जार व डायरिया आदि।
आमतौर पर 1 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चों में चिकन पॉक्स होने की संभावना अधिक रहती है, खानपान में आई अनियमितता चिकन पॉक्स के फैलने का मुख्य कारण हो सकता है।
चिकन पॉक्स के घरेलू नुस्खे क्या है? ( Chicken pox home remedies?)
1. एलोवेरा (Aloe vera)

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सामग्री : एलोवेरा की पत्ती
उपयोग विधि:
- सबसे पहले एलोवेरा की पत्ती के अंदर भरी जेल को बाहर निकालें और उसे एक एयरटाइट कंटेनर में रख लें।
- इस जेल को प्रभावित स्थान पर लगाएं एलोवेरा जेल को 1 सप्ताह तक फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है।
- कम से कम दिन में इसका इस्तेमाल दो से तीन बार इसका इस्तमाल करें।
एलोवेरा किस प्रकार लाभदायक है? (How is aloe vera beneficial?)
मुख्य रूप से एलोवेरा स chicken pox से संक्रमित त्वचा को ठंडक अथवा आराम पहुंचाने का कार्य करता है इसमें मॉइस्चराइज मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण खुजली को कम कर त्वचा को मॉइस्चराइज करने का काम करता है यह उपचार बिल्कुल ही प्राकृतिक है, इसलिए आप इसका उपयोग अपने बच्चों पर भी कर सकते हैं।
2. नीम (Neem)

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सामग्री : मुट्ठी भर नीम के पत्ते
उपयोग विधि:
- जितनी आवश्यकता हो उतना ही पानी लें और नीम की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट बना लें।
- इस पेस्ट को चकत्ते वाले स्थान पर लगाएं और इसे कुछ देर के लिए यूं ही छोड़ दें।
- आप चाहे तो नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर स्नान भी कर सकते हैं ऐसा करने से संक्रमित त्वचा को आराम मिलता है।
- इस पेस्ट को दिन में कम से कम 2 बार लगाएं और एक बार नीम के पानी से नहाए।
नीम किस प्रकार लाभदायक है? (How is neem beneficial?)
नीम की पत्तियां एंटीवायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो चिकन पॉक्स से संक्रमित त्वचा को आराम देने का कार्य करती हैं। खुजली और रैशेज के लिए नीम का उपाय रामबाण माना जाता है। इसके अलावा नीम की पत्तियों के पेस्ट से फफोले जल्द ही सूख जाते हैं।
3. बेकिंग सोडा बाथ (baking soda bath)

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सामग्री: आधा कप बेकिंग सोडा लें।
उपयोग विधि:
- नहाने योग्य गर्म पानी को टब या फिर बाल्टी में भर लें फिर उस नहाने के पानी में अच्छी तरह से बेकिंग सोडा को मिला लें।
- लगभग 15 से 20 मिनट तक इस पानी से नहाए या फिर शरीर को डुबायें रखें। आप इस प्रक्रिया को रोजाना एक बार दोहरा सकते हैं।
बेकिंग सोडा किस प्रकार लाभदायक है? (How baking soda is beneficial?)
गर्म पानी में बेकिंग सोडा जिसका रासायनिक नाम (सोडियम बाइकार्बोनेट) उसे पानी में डालकर स्नान करने से चिकेन पॉक्स से संक्रमित त्वचा को राहत मिलता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण चकत्तों और खाज को कम करने का काम करते हैं।
4. विनेगर बाथ (vinegar bath)

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सामग्री:
- एक सेब का सिरका
- नहाने योग्य गरम पानी
उपयोग विधि:
- नहाने योग्य गर्म पानी में सेब के सिरके को मिलाकर उससे अपने शरीर को करीब 15 मिनट तक भिगोए। फिर बाद में साफ पानी से नाहा लें।
- chicken pox होने की स्थिति में आप इसे हर दूसरे दिन इस्तेमाल कर सकते हैं।
विनेगर बाथ किस प्रकार लाभदायक है?
विनेगर बात का इस्तेमाल खुजली एवं चकत्तों से तुरंत राहत प्रदान करने का कार्य करता है। विनेगर एंटी माइक्रोबियल गुणों से भरपूर होता है, जो चिकन पॉक्स से संक्रमित त्वचा का इलाज कर सकता है। के घरेलू उपचार के लिए आप विनेगर बाथ ले सकते हैं।
5. शहद (Honey)

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सामग्री: शहद
उपयोग विधि:
- खुजली एवं चकत्ते वाले स्थान पर शहद के लेप को लगाएं।
- इसे करीब 20 मिनट तक यूं ही लगा कर छोड़ दें। फिर 20 मिनट पश्चात इसे साफ पानी से अच्छी तरह पोछ लें।
- इस प्रक्रिया को प्रतिदिन कम से कम 2 बार दोहराएं।
शहद कैसे लाभदायक है? (How honey is beneficial?)
शहद में भरपूर मात्रा में एंटी बैक्टीरियल गुण पाया जाता है, इसका इस्तेमाल आप chicken pox से संक्रमित त्वचा को आराम पहुंचाने के लिए कर सकते हैं। शहद न सिर्फ चकत्तों को कम करेगा, बल्कि निशान मिटाने में मदद करेगा।
6. विटामिन E कैप्सूल

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सामग्री: विटामिन E की कम से कम दो से तीन गोलियां लें।
उपयोग विधि:
- कैप्सूल में मौजूद तेल को बाहर निकालें।
- अब इस तेल को चिकन पॉक्स के चकत्ते और निशान पर लगाएं दिन में कम से कम 2 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।
विटामिन E कैप्सूल कैसे लाभदायक है? (How vitamin E capsule is beneficial?)
विटामिन-ई तेल त्वचा को हाइड्रेट करता है और सतह से मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाता है। यह संक्रमित त्वचा पर एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव के चलते रैशेज को ठीक करने का काम करता है। चिकन पॉक्स का इलाज करने के लिए आप इन घरेलू उपचार का इस्तेमाल कर सकते हैं।
Chicken pox के दौरान देने वाले आहार कौन से है?
- Chicken pox दौरान आप गाजर तथा धनिए का सूप पी सकते हैं।
- यदि आप मांसाहारी हैं, तो कम फैट वाली मछली का भी सेवन कर सकते हैं।
- आप chicken pox के दौरान दही का भी सेवन कर सकते हैं ऐसा करने से यह आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है।
- विटामिन C युक्त फल का सेवन करें जैसे- पपीता चेरी सेब, नाशपाती, आदि।
- विटामिन C युक्त सब्जियों का भी सेवन कर सकते हैं जैसे- ब्रोकली पालक आदि।
चिकन पॉक्स के दौरान कौन से आहार को लेने से बचना चाहिए? (Which diet should be avoided during chicken pox?)
- ड्राई फ्रूट्स का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह चिकन पॉक्स की समस्या को और बढ़ाते हैं।
- गेहूं, ओट्स ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी, साबुत अनाज चावल आदि चिकन पॉक्स को बढ़ावा दे सकते हैं।
- डार्क चॉकलेट तथा अत्यधिक कैफीन का सेवन चिकन पॉक्स के दौरान आपको नुकसान पहुंचा सकता है।
- नमकीन तथा अधिक मसालेदार आहार चिकन पॉक्स के दौरान लेने से बचना चाहिए।
चिकन पॉक्स से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर
चिकन पॉक्स शुरुआत में कैसे दिखाई देते हैं?
Chicken pox शुरुआत में छोटे छोटे दाने के रूप में दिखाई देते हैं फिर बुखार, सिरदर्द गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द से इसके लक्षण महसूस होने लगते हैं। शुरुआत में दाने व शक्ति छोटे-छोटे मालूम पड़ते हैं, फिर कुछ दिनों में यह द्रव्य से भरे फफोले के रूप में विकसित हो जाते हैं।
आप चिकन पॉक्स की पहचान कैसे कर सकते हैं?
Chicken pox होने की स्थिति में आपकी त्वचा पर लाल लाल खुजली वाले चकत्ते उभर आते हैं। कुछ स्थिति में दाने के साथ फफोले भी उत्पन्न हो जाते हैं, यदि आपको ऐसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो जल्द से जल्द इसका उपचार करें।
चिकन पॉक्स को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?
सबसे पहले हमें यह जानने की आवश्यकता है कि चिकन पॉक्स एक वायरल संक्रमण है जो जो खुजली और फ्लू जैसे लक्षणों से शुरू होता है। इसको तेजी से ठीक करने के लिए आप कुछ उपायों को अपना सकते हैं जैसे-
- आप अच्छी क्वालिटी के लोशन का प्रयोग करें जो खुजली को शांत करता हो।
- हल्के फुल्के कपड़े पहने
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाने का सेवन करें।
- नहाने के पानी में नीम विनेगर और सोडे का इस्तेमाल करें इससे चिकन पॉक्स के दाने और खुजली कम होते हैं।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार दर्द को कम करने वाली दवाइयों का सेवन करें।
- अपने आसपास एवं घरों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
क्या चिकन पॉक्स से ग्रसित बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाना उचित रहेगा?
आमतौर पर यह बच्चों के लिए एक सामान्य बीमारी है, जो अपने आप ही ठीक हो जाती है हालांकि कुछ बच्चों के लिए यह स्थिति गंभीर हो जाती है उन्हें अवश्य ही डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। यदि आपको आपके बच्चे में Chicken pox से संबंधित कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो सतर्क रहने की आवश्यकता है ।
क्या चिकन पॉक्स के दौरान साबुन का उपयोग किया जा सकता है?
जी नहीं चिकन पॉक्स के दौरान साबुन का इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है यदि आप चाहें तो माइल सोप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आप नहाते वक्त विनेगर, सोडा और नीम के पत्तों का इस्तेमाल करते हैं, तो चिकन पॉक्स के दौरान या आपको राहत पहुंचाता है।
चिकन पॉक्स को पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लग सकता है?
Chicken pox को पूरी तरह ठीक होने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है, लेकिन यह आंकड़े निश्चित नहीं है इससे अधिक समय भी लग सकता है या फिर कम भी लग सकता है।
हमने अपने इस लेख में चिकन पॉक्स के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देने की कोशिश की है, हमें उम्मीद है हमारे द्वारा लिखा हुआ यह लेख आपको पसंद आया होगा यदि आपको हमारे द्वारा लिखे गए इस लेख से संबंधित कोई प्रश्न पूछना है तो आप हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हम आपकी सेवा में सदैव तत्पर हैं।
धन्यवाद।