जैसा कि हम सभी ने अवश्य ही सुना होगा कि रक्तदान एक प्रकार का महादान होता है। जिसे करके आप किसी के जीवन को बचा सकते हैं इसके साथ ही उस व्यक्ति के जीवन को करीब से महसूस कर सकते हैं जिसे आप शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही रक्तदान करने वाले व्यक्ति को अनेक प्रकार के स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। इसी क्रम में इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि रक्तदान से हमें कौन-कौन से स्वास्थ्य लाभ और कौन से नुकसान हो सकते हैं। आइये जानते है रक्तदान के फायदे के बारे में।

 

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रक्तदान किन्हें करना चाहिए(rakt daan kinhe karna chahiye)

वैसे तो रक्तदान के अनेकों फायदे हैं लेकिन रक्तदान करने से पहले हमें कुछ मापदंडों को पूरा करना बेहद आवश्यक है।

  1. जो भी व्यक्ति रक्तदान कर रहे हो उनकी आयु 18 से 50 वर्ष तक की होनी चाहिए और उनका वजन 45 किलोग्राम तक होना चाहिए अन्यथा वह रक्तदान नहीं कर सकते हैं आप आवश्यकता पड़ने पर अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।
  2. पुरुषों को 3 महीने में और महिलाओं को 4 महीने में एक बार ही रक्त दान करना चाहिए परंतु रक्तदान करने से पहले या ध्यान रहे कि आप पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। यदि आप किसी भी स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित है, तो आपको रक्तदान नहीं करवाना चाहिए। आप रक्तदान करने की सोच रहे है, तो इससे पहले आपको डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
  3. जो भी व्यक्ति रक्तदान करते हैं उन्हें एक बार में 450 मिली लीटर खून दान करना चाहिए इससे ज्यादा खून एक बार में दान करने से उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे चक्कर आना, कमजोरी, पैर हाथ में झुनझुनी, आदि।
  4. आप प्रेग्नेंट ना हो और ना ही स्तनपान कराती हो तभी आप रक्तदान करने के योग्य है।
  5. HIV से जुड़ा पुराना को इतिहास ना रहा हो

 

रक्तदान के फायदे क्या है ? (rakt daan ke fayde kya hai ?)

कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि रक्तदान करने से हमें बहुत सारे शारीरिक लाभ मिलते हैं जैसे कैंसर, लिवर की समस्या, हार्ट संबंधित समस्या, आदि से बचा जा सकता है। तो आइए जानते हैं रक्तदान करने से होने वाले कुछ फायदों के बारे में।

रक्तदान करने से मानसिक संतुष्टि मिलती है (rakt daan karne se mansik santushti milti hai)

जैसा कि हमने आपको बताया रक्त दान करने से हमें बहुत सारे शारीरिक लाभ मिलते है लेकिन इसके साथ साथ रक्तदान करने से हमें मानसिक संतुष्टि भी मिलती है जो हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
मेंटल हेल्थ फाउंडेशन का मानना है कि जब भी आप दूसरे की मदद करते हैं तो आपको मानसिक संतुष्टि की प्राप्ति होती है इसके साथ साथ आपको नकारात्मक भावनाओं से छुटकारा पाने में भी मदद मिलती है इसके साथ रक्तदान अपनेपन की भावनाओं को भी पैदा करता है,जिससे अलगाव में कमी आती है।

ह्रदय रोग के खतरे को कम करता है रक्तदान (hriday rog ke khatre ko kam karta hai rakt daan)

नियमित रूप से रक्तदान करने करने से हृदय संबंधित समस्याएं जैसे दिल के दौरे आदि के पड़ने की संभावनाएं कम हो जाती है ऐसा इसलिए होता है, कि नियमित रूप से रक्तदान करने के कारण आप के रक्त के चिपचिपाहट में कमी आती है।

इसके साथ ही नियमित रूप से रक्तदान करने से शरीर में आयरन के स्तर को भी नियंत्रित किया जाता है, जिससे दिल के दौरे होने की संभावना कम हो जाती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, शरीर में आयरन का होना बेहद जरूरी होता है लेकिन जरूरत से ज्यादा शरीर मे आयरन होने से ऑक्सीडेटिव को क्षति पहुंच सकती है।

कैंसर के खतरे को कम करता है रक्तदान (cancer ke khatre ko kam karta hai rakt daan)

वर्ष 2008 में हुए एक अध्यन के अनुसार नियमित रूप से रक्तदान करने वाले लोगों में कैंसर होने की समस्या कम देखी जाती है या फिर यूं कहें कि कैंसर का जोखिम कम होता है, पुनः 2016 में हुए एक अध्ययन में पाया गया की नियमित रूप से रक्तदान करने से कैंसर की समस्या तो कम होती है इसके साथ-साथ शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट की क्षमता में बढ़ोतरी होता है।

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वजन को कम करता है रक्तदान (vajan kam karta hai rakt daan)

जो लोग जल्द से जल्द अपने वजन को कम करने की चाहत रखते हैं। उन्हें अवश्य ही नियमित रूप से रक्त दान करना चाहिए क्योंकि जब आप रक्तदान करते हैं, तो उस वक्त आपके शरीर से कैलोरी बहुत ही तेजी से बर्न होती है। एक यूनिट रक्तदान करने से करीब 650 कैलोरी बर्न होती है, इसके साथ-साथ आपका वजन भी नियंत्रित रहता है।

नियमित रूप से व रक्तदान करके आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं लेकिन ध्यान रहे वजन घटाने का सिर्फ यही एकमात्र तरीका नहीं है। यदि आप रक्तदान करते भी है तो कम से कम 3 से 4 महीने में एक बार रक्तदान करें अन्यथा आपके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है।

कोलेस्ट्रोल कम करें रक्तदान ( cholesterol kam kare rakt daan)

बाजार में मिलने वाले फास्ट फूड जैसे- बर्गर, चाउमिन ,समोसा ,आदि के सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में अगर आप रक्तदान करते हैं तो आपके रक्तचाप में नियंत्रण बना रहता है साथ ही नियमित रक्तदान से कोलेस्ट्रोल का स्तर भी सामान्य रहता है। नियमित रक्तदान से आप और भी कई समस्याओं से बच सकते हैं।

नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है रक्त दान (Nai koshika ka nirman karta hai rakt daan)

आपके शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अगर कोई महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तो वह नई रक्त कोशिका है जब आप नियमित रूप से रक्तदान करते हैं तो आपके शरीर में नया खून बनता है, जो आपकी स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद ही अच्छा माना जाता है। इसलिए 3 महीने के बाद अवश्य ही रक्तदान करानी चाहिए।

मुफ्त चिकित्सा जांच

जब आप अपने शरीर का नियमित रूप से जांच कराते हैं, तो शरीर में पल रही बीमारी आसानी से जांच हो जाती है। जब आप रक्तदान करवाते है, तो उस दौरान कुछ जांच आपको मुफ्त में मिलता है। रक्तदान के फायदे जैसे रक्त देने वाले का वजन ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन ब्लड ग्रुप आदि की जांचे मुफ्त में हो जाती है और रक्तदान के पश्चात एचआईवी, मलेरिया, एचबीएसएजी, एचसीवी, वीडीआरएल और एंटीबॉडी की स्क्रीनिंग जैसी जांच की जाती है।

लिवर की समस्या को दूर रखता है रक्तदान (liver ki samasya dur rakhta hai rakt daan)

रक्तदान के फायदे

जैसा कि हमने आपको जानकारी दी की शरीर में आयरन की मात्रा का होना बेहद जरूरी होता है लेकिन शरीर में आयरन की अधिकता से आपके लिवर अस्वस्थ हो सकते है, रक्तदान के फायदे यही कारण है कि आपको समय-समय पर रक्तदान अवश्य कराना चाहिए अन्यथा आपको सिरोसिस नामक बीमारी से गुजरना पड़ सकता है जिससे आपको पाचन संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।

रक्तदान से पहले ध्यान रखने वाली बात

रक्तदान करने से पहले हमें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है अन्यथा कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं।

  1. जब आप रक्तदान करने जाएं तो उससे पहले प्रोटीन युक्त आहार अवश्य लें इससे आपके शरीर में एनर्जी बनी रहती है जो आप को रक्तदान के दौरान मदद करती है।
  2. रक्तदान करने से 1 दिन पहले आपको खूब सारा पानी का सेवन करना चाहिए यदि संभव हो तो नींबू पानी का भी सेवन अवश्य करना चाहिए।
  3. रक्तदान करने से पहले आप खुद कम वसा वाले मीट का सेवन कर सकते है। परंतु लाल मांस का सेवन ना करें तो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।
  4. इसके साथ ही खून में शुगर की कमी ना हो इसके लिए रक्तदान से थोड़ी देर पहले कुछ मीठा जरूर खाएं।
  5. रक्तदान करने से पहले आपको पौष्टिक आहार जैसे दूध, फल, सब्जी आदि का सेवन अवश्य करना चाहिए।

रक्तदान के बाद क्या खाएं

जब आप रक्तदान करते हैं तो उसके पश्चात आपको बेहद ही कमजोरी महसूस होता है ऐसे में आपको पौष्टिक आहार लेने की आवश्यकता है।

  • रक्तदान करने के पश्चात आपको प्रोटीन युक्त आहार लेने की आवश्यकता है जैसे दाल, सब्जियां, फल, जूस आदि इससे आपको शीघ्र ही उर्जा प्रदान होता है।
  • अनाज में आप दूध, गेहूं, दलिया, मकई आदि का भी सेवन कर सकते हैं। इन सभी के सेवन से शरीर को पोषण मिलता है जिससे आपके शरीर में कमजोरी दूर होती है।

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 रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां क्या है

रक्तदान को लेकर लोगों में भ्रांतियां फैली है कि रक्तदान करने से खून खत्म हो जाएगा लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि एक औसत वयस्क के शरीर में करीब 5 लीटर तक खून होता है लेकिन यह शरीर के वजन पर भी निर्भर करता है ।

वहीं जब रक्तदान करते हैं तब आपके शरीर से 450 मिलीलीटर खून निकाल लिया जाता है एक स्वस्थ व्यक्ति इतने खून को 24 से 48 घंटों के भीतर बना लेते हैं। नाकों (NACO) के अनुसार भारत में पुरुषों 3 माह में एक बार और महिलाओं को 4 माह में एक बार रक्तदान कर सकती है।

रक्तदान से होने वाले नुकसान (Raktdan  se hone wale nuksan)

रक्तदान के फायदे स्वस्थ व्यक्ति के लिए बेहद ही अच्छा होता है, इससे आपको किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा बल्कि से आपको बहुत सारे फायदे होते हैं।

लेकिन बहुत सारे लोगों ने गलतफहमियां फैला रखी है, कि रक्तदान करने से कमजोरियां होने लगती हैं, और आप जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते है,लेकिन यह बिल्कुल ही गलत है ऐसा कुछ भी नहीं होता है।  लेकिन रक्तदान के दौरान कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है।

  1. रक्तदान करने की उम्र 18 वर्ष से कम और 50 वर्ष से ज्यादा की नहीं होनी चाहिए अन्यथा आपको नुकसान हो सकते हैं। रक्तदान करने के दौरान एक बात का अवश्य ख्याल रखना चाहिए कि रक्तदान करने वाले व्यक्ति का वजन कम से कम 45 से 50 किलोग्राम के बीच हो तभी वह रक्तदान कर सकता है।
  2. रक्तदान करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की अन्य बीमारियां ना हो अन्यथा जिस व्यक्ति को वह रक्त दे रहा होता है, उसे भी समस्या हो सकती है। इसलिए रक्तदान करने के पहले अपने शरीर का पूरे तरीके से जांच करवाना बेहद जरूरी है।
  3. ध्यान रहे कि शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही दूसरे व्यक्ति को रक्तदान करें अन्यथा उसे कमजोरी, चक्कर आना, उल्टी आदि की समस्या हो सकती है। अगर आपको कभी-कभी खाने-पीने और आराम करने के बाद चक्कर या मिचली महसूस होती है। अगर सुई लगने वाली जगह पर अभी भी रक्त स्त्राव जारी है। हाथ में दर्द या झुनझुनी होती है। तो अवश्य ही रक्तदान केंद्र या अन्य डॉक्टर से संपर्क करें।

हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से रक्तदान के विषय में जानकारी दी है। रक्तदान से होने वाले फायदों के विषय में बताया कि रक्तदान हमारे स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार उपयोगी है। यह भी बताया कि यदि हम नियमित रूप से रक्तदान करते हैं तो हमें कौन-कौन से फायदे हो सकते हैं इसके साथ साथ हम ने यह बताया कि रक्तदान करते वक्त हमें कौन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।

इसके साथ ही हमने आपको यह जानकारी दी की आपको रक्तदान से पहले और रक्तदान के बाद कौन कौन से आहार का सेवन करना चाहिए।

हमें उम्मीद है हमारे द्वारा रक्तदान के फायदे और नुकसान लिखा हुआ यह लेख आपको पसंद आया होगा । यदि इसके बाद भी इस लेख से संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न उत्पन्न हो रहा है, तो आप अवश्य ही हमें कमेंट करके बताएं।

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धन्यवाद।