भारत में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ है उन्हीं में से एक है सरसों का तेल जिन्हें लोग अपनी रसोई में से कभी बदलना नहीं चाहते हैं खासकर उत्तर एवं पूर्वी भारत में बिना सरसों के तेल के इस्तेमाल से खानों का बनना असंभव सा लगता है।
इसका उपयोग खानों के अलावा और भी कई तरीकों से किया जाता है जैसे यह हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को ठीक करता है इसके साथ यह हमारी त्वचा अथवा बालों को भी पोषण प्रदान करता है, आइए बात करते हैं सरसों के तेल से होने वाले नुकसान के बारे में।
आम तौर पर इसे लोग इसे मसाज के रूप में भी प्रयोग करते हैं यदि सरसों के तेल को जोड़ों के दर्द पीठ अथवा कंधों के दर्द में लगाया जाए तो यह औषधि के रूप में कार्य करता है। लेकिन क्या आपको पता है सरसों तेल के तमाम फायदों के साथ-साथ इसके कई नुकसान भी है जोकि आपको जाना बेहद महत्वपूर्ण है।
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सरसों के तेल से होने वाले नुकसान
याददाश्त की क्षमता कम करता है सरसों तेल
यदि आप प्रतिदिन सरसों के तेल का इस्तेमाल अपने खाने में करते हैं तो यह आपके याददाश्त एवं सीखने की क्षमता पर असर डालता है कई शोधों में पाया गया है कि लंबे समय तक सरसों के तेल का सेवन आपके दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है।
अमेरिका के पेन्सिलवेनिया के टेंपल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर का मानना है कि सरसों के तेल को स्वास्थ्यवर्धक तेल कहने से हमें बचना चाहिए उनके द्वारा किए गए शोध से यह निष्कर्ष निकलता है सरसों के तेल अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद नहीं है।
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नाक में एलर्जी (राइनाइटिस)
यदि आप प्रतिदिन सरसों के तेल का सेवन करते हैं तो ऐसे में आपको राइनाइटिस के होने की संभावना बढ़ जाती है राइनाइटिस नाक में होने वाली एलर्जी को कहते हैं नाक हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है जो शरीर में प्रवेश करने वाले धूल एवं हानिकारक तत्वों को रोकने में हमारी मदद करता है राइनाइटिस होने पर आपको कुछ इस प्रकार के लक्षण नजर आते हैं जैसे- आंखों में लगातार पानी आना, नाक से भी पानी आना,खांसी,छिक आदि ऐसे लक्षण आपको दिखाई पड़ते हैं तो आप जल्द ही सरसों के तेल का इस्तेमाल कम कर दें।
यूरिक एसिड बढ़ाता है सरसो का तेल
यूरिक एसिड की समस्या महिलाओं अथवा पुरुष दोनो में देखी जाती है लेकिन महिलाओं में यूरिक एसिड की समस्यया ज्यादा देखने को मिलती है जो सरसों के तेल के ज्यादा सेवन से होता है यूरिक एसिड की समस्या ज्यादातर 25 से 40 वर्ष की महिलाओं में ज्यादा देखा गया है यूरिक एसिड हाई टॉक्सीन और जहरीले एसिड की मात्रा शरीर में बढ़ा देता है
जिसके कारण से जोड़ों में दर्द कमर दर्द एवं पीठ के दर्द की समस्या बनी रहती है यदि आपको ऐसी समस्याओं का आभास हो रहा है तो आप जल्द ही सरसों के तेल का सेवन कम कर दें इसके साथ ही सरसों के तेल के ज्यादा सेवन से शरीर के ब्लड प्लेटलेट्स में अचानक से गिरावट आ जाती है आ जाती है जिसके कारण एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदेह है सरसों तेल
यदि गर्भवती महिलाएं अपने आहार में प्रतिदिन सरसों के तेल का सेवन करती है तो इससे उन्हें खतरा होने की संभावना बढ़ जाती है इसका कारण है कि सरसों के तेल में कुछ ऐसे रासायनिक कंपाउंड पाए जाते हैं जो गर्भवती महिलाओं भूर्ण के लिए खतरनाक होता है कई शोधकर्ताओं के अनुसार इन रासायनिक तत्वों से उन्हें गर्भपात का भी खतरा हो सकता है। सरसों के तेल से होने वाले नुकसान
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सरसों के तेल में मौजूद इरूसिक एसिड से नुकसान
सरसों तेल में पाया जाने वाला मोनोअनसैचुरेटेड फैट 40 से 50% तक इरूसिक एसिड के अंदर से आता है आपको बता दें की इरूसिक एसिड बेहद ही जहरीला पदार्थ होता है जो मानव शरीर के लिए उचित नहीं माना जाता है आमतौर पर इरूसिक एसिड का इस्तेमाल घरों में किए जाने वाले पेंट में इसका इस्तेमाल किया जाता है जो सरसों के तेल के बीज में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है
अर्थात आप उसे अलग नहीं कर सकते है। मुख्य रूप से इरूसिक एसिड का कार्य हमारे हार्ट के मसल्स में ट्राई गिलराइड का निर्माण करता है जो आपके हार्ट अटैक और कार्डियोवस्कुलर सिस्टम पर असर करता है और यह हमारे फेफड़ों के लिए स्वास्थ्यवर्धक नहीं माना जाता है सरसों के तेल मे मौजूद इरूसिक एसिड फेफड़ो के कैंसर को भी बढ़ाने का कार्य करता है । सरसों के तेल में भारी मात्रा में टॉक्सिन पाया जाता है।
क्या आप जानते हैं सरसों का तेल यूएस,कनाडा और यूरोप के देशों में प्रतिबंधित है इन देशों में इसका इस्तेमाल आप खाना बनाने के लिए नहीं कर सकते है।
कई लोगों का यह मानना है कि वह अच्छे ब्रांड के सरसों का तेल इस्तेमाल करते हैं लेकिन आपको बता दें वह चाहे किसी भी ब्रांड का सरसों का तेल हो आपको उसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए
क्योंकि चाहे वह कोई भी ब्रांड हो उसमें सरसों के बीज का ही इस्तेमाल किया जाता है जिसमें इरूसिक एसिड पाया जाता है जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है तो बेहतर होगा कि आप सरसों के तेल का इस्तेमाल ना करें यदि आप चाहे तो इसकी जगह पर आप कोई भी तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे ऑलिव आयल ,नारियल के तेल बादाम के तेल आदि।
हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से सरसों के तेल के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में बताया है यदि आप सरसों के तेल का इस्तेमाल करते है तो आपके लिए यह कितना नुकसानदायक है उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा लिखा हुआ या आर्टिकल आपको पसंद आया होगा इस आर्टिकल से जुड़ा कोई भी प्रश्न यदि आपके मन में उठ रहा हो तो आप अवश्य ही हमें कमेंट करके बताएं।
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