मलेरिया (malaria) के बारे में जानकारी देंगे कि मलेरिया क्या होता है, इसके लक्षण क्या है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
मलेरिया
एक संक्रामक रोग है जो प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिससे मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके साथ ही मलेरिया से लोगों को बचाया जा सके क्योंकि भारत में प्रतिवर्ष लाखों मौतें मलेरिया की समस्या होती हैं।
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मलेरिया मच्छर के द्वारा फैलने वाली बीमारी है जो मादा एनाफिलीज नामक मच्छर के काटने से होती है। इस मच्छर में प्लाज्मोडियम नामक परजीवी पाया जाता है, जो मच्छर के काटने पर हमारे रक्त में प्रवेश कर जाता है।
रक्त में प्रवेश करके यह धीरे-धीरे हमारे लीवर में पहुंचकर इसकी संख्या को बढ़ा देता है साथ ही यह हमारे (आरबीसी) लाल रक्त कोशिकाओं में पहुंचकर उसको पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। इस तरीके से 10 से 12 दिन में मलेरिया के लक्षण धीरे-धीरे देखने लगते हैं। मलेरिया की बीमारी अधिकतर गर्मियों में अप्रैल व बरसात के बाद शुरू होते हैं और धीरे-धीरे करके यह जुलाई से नवंबर के बीच में अपना असर दिखाते हैं।
मलेरिया का मच्छर गंदगी वाले स्थान में ज्यादा पनपता है। मलेरिया के कुछ मामले ऐसे होते हैं जिसमें रोगी की मौत तक हो जाती है। मलेरिया का मच्छर सूर्यास्त के बाद ही अपना प्रकोप दिखाते है और आपके शरीर को नुकसान पहुँचाते है।
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मलेरिया के लक्षण ( Malaria ke lakshan )
- तेज बुखार आना
- कमजोरी व थकावट लगनाकप
- कपकपी लगना
- मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना
- सिर में बहुत तेज दर्द होना
- उल्टी व मतली होना
- पसीना आना
- खून की कमी होना
- दस्त होना
- भूख न लगना
मलेरिया से बचाव ( Malaria se bachaav )
- अपने आसपास गंदगी ना पनपने दें
- मच्छरदानी लगाकर सोए और यह भी देख ले कि मच्छरदानी में कोई छेद ना हो ताकि मच्छर अंदर प्रवेश ना कर पाए।
- हल्के कपड़े पहने इसमें शरीर का हर अंग ढका रहे और हल्के रंग के कपड़े भी पहनें क्योंकि मच्छर हल्के रंग के कपड़ों से अपना बचाव करते हैं।
- घर के अंदर मच्छर को दूर भगाने वाली दवा का प्रयोग करें।
- मच्छर से बचने के लिए बाजार में कई प्रकार के क्रीम मौजूद है उसका प्रयोग करें।
- पानी का सेवन अधिक मात्रा में करें।
- गंदगी वाले स्थान पर जाने से बचे हैं। साथ ही अपने घरों के आसपास साफ सफाई बनाये रखें।
- घर के खिड़की व दरवाजे पर जाली लगाएं जिससे मच्छर घर के अंदर प्रवेश ना करें।
मलेरिया का उपचार ( Malaria ka upachaar )
मलेरिया का उपचार पूरी तरीके से संभव है अगर समय रहते उसका उपचार कर लिया जाए तो मरीज की जान को बचाया जा सकता है। मलेरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत उसका उपचार किया जाना चाहिए। नहीं तो स्थिति बहुत गंभीर हो जाती है।
सबसे पहले लक्षण दिखने पर ब्लड टेस्ट करवाएं ब्लड टेस्ट में मलेरिया की पुष्टि होने पर डॉक्टर के द्वारा बताए गए एंटीमलेरियल ड्रग्स का सेवन करें।
बुखार को सामान्य दवाओं से कम करें इसके अलावा हर मरीज के लिए मलेरिया की दवा उस मरीज स्थिति के अनुसार ही दी जाये। मलेरिया में दी जाने वाली दवाओं में क्विनीन, मेफ्लोक्विन, डॉक्सीसाइक्लिन हैं।
कुछ मरीज में मलेरिया के लक्षण इतने गंभीर होते हैं, कि उस स्थिति में मरीज को अस्पताल में रहकर ही इलाज करवाना पड़ता है और डॉक्टर के परामर्श अनुसार ही चलना पड़ता है। इसके अलावा भी मरीज को पौष्टिक भोजन लेना चाहिए फलों का सेवन करना चाहिए।
फलों के जूस व सब्जियों के सूप का सेवन करें व्यायाम करें बाकी डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कार्य करें।
मलेरिया होने पर रोजाना सुबह तुलसी के पांच से छह पत्तों का सेवन करें इससे मलेरिया में आराम मिलेगा।
आज की इस लेख के माध्यम से हमने जाना कि मलेरिया क्या होता है। इसके लक्षण क्या है और इससे बचाव किस तरह किया जा सकता है। मलेरिया से बचने के लिए आप हमारे द्वारा बताए गए उपायों का प्रयोग करें इससे आप भी मलेरिया की चपेट में आने से बच सकते है।
आशा करता हूं कि आपको हमारे द्वारा मलेरिया पर लिखा हुआ यह लेख पसंद आया होगा। अगर मलेरिया से संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न उत्पन्न हो रहा है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर कमेंट करें। हम आपके लिए सदैव तत्पर हैं।
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धन्यवाद।