ब्रेस्ट कैंसर एक खतरनाक जानलेवा बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोग जीने की उम्मीद तक छोड़ देते हैं। दुनिया भर में कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु में 18.2% मौत केवल स्तन कैंसर से होती हैं। भारत में हर आठ महिलाओं में से एक महिला स्तन कैंसर से ग्रस्त है।

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आज के समय में दुनिया भर में महिलाओं में बड़ी समस्या के रूप में स्तन कैंसर उभर रहा है, हालांकि स्तन कैंसर अधिकतर महिलाओं को ही होता है पर कभी-कभी यह पुरुषों को भी हो सकता है।

अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिया जाए और उसका और सही समय पर उपचार किया जाए तो स्तन कैंसर को पूरी तरीके से ठीक किया जा सकता है।

शरीर के किसी भी अंग में होने वाली कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि कैंसर का कारण होती है, इसी प्रकार जब स्तन कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है, तो यहां स्तन में गांठ का रूप धारण कर लेती है जो धीरे-धीरे स्तन कैंसर बन जाता है।

पर यह जरूरी नहीं होता है कि स्तन में हर गांठ कैंसर हो, लेकिन यदि आपके स्तन में गांठ है तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

 

स्तन कैंसर के लक्षण

  1. स्तन में गांठ या बाहों के नीचे गांठ होना।
  2. स्तनों को दबाने पर दर्द होना।
  3. निप्पल से तरल या चिपचिपा पदार्थ स्रावित होना।
  4. निप्पल का रंग लाल होना।
  5. स्तनों में सूजन आना।
  6. निप्पल से खून आना।
  7. स्तनों के आकार और आकृति में बदलाव होना।
  8. निप्पल का अंदर की ओर धसना।
  9. स्तन की त्वचा में परिवर्तन होना।

यदि आपको इस तरह के कोई भी लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि यह स्तन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।

स्तन कैंसर का परीक्षण

स्तन परीक्षण

इस परीक्षण में डॉक्टर दोनों स्तनों के असामान्य भागों का टेस्ट करने के लिए एक संपूर्ण स्तन परीक्षण करते हैं। इसके अलावा डॉक्टर शरीर के अन्य भागों का भी टेस्ट कर सकते हैं, जिससे यह पता चल सके कि लक्षण शरीर के अन्य समस्या की वजह से तो नहीं है।

मेमोग्राफी

मैमोग्राफी स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए एक बढ़िया विकल्प है। इससे शुरुआत मे हीं स्तन कैंसर का पता चल जाता है। मेमोग्राफी के द्वारा स्तन की सतह के नीचे देखने में मदद मिलती है। अगर डॉक्टर को यह लगे कि आपके स्तन में गांठ या अन्य परेशानी है, तो वह आपको मैमोग्राम के लिए कह सकते हैं। कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जो हर वर्ष में एक बार खुद ब खुद ने मेमोग्राफ करवाती हैं। अगर मैमोग्राफ में इसकी पुष्टि ना हो पाए तो अन्य टेस्ट करवाए जाते हैं।

स्तन का अल्ट्रासाउंड

स्तन के अल्ट्रासाउंड में स्तन के ऊतकों की एक छवि बन जाती है। जिससे डॉक्टर को सिस्ट या ट्यूमर में अंतर समझने में मदद मिलती है।

बायोप्सी

अगर इन परीक्षण में कोई निश्चित परिणाम ना मिल पाए तो डॉक्टर संदिग्ध भाग का सैंपल लेकर उसका टेस्ट करवा सकते हैं। जिससे स्तन कैंसर की पुष्टि हो जाती है।

स्तन कैंसर के कारण

शरीर के किसी भी हिस्से में कैंसर होने के अलग-अलग कारण होते हैं। यह हम आपको बताएंगे कि स्तन कैंसर होने के क्या कारण हो सकते हैं।

अनुवांशिक कारण

स्तन कैंसर होने का एक महत्वपूर्ण कारण है, अनुवांशिक कारण यदि आपके परिवार में किसी व्यक्ति या किसी करीबी रिश्तेदार को स्तन कैंसर हुआ है, तो आपको भी स्तन कैंसर होने की संभावनाएं हो सकते हैं।

ऐसा जरूरी नहीं कि आपको स्तन कैंसर ही हो। यदि अन्य कोई कैंसर भी हुआ हो तो सतर्क रहने की आवश्यकता है।

उम्र बढ़ना

50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को स्तन कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है, मेनोपॉज के बाद स्तन कैंसर की संभावनाएं बढने लगती हैं। यदि आप अधिक उम्र की हैं तो आप स्तन कैंसर से संबंधित जांचें करवाती रहे।

पहले कभी स्तन कैंसर हो चुका हो

यदि आपको पहले कभी स्तन में कैंसर हो चुका हो, तो भविष्य में भी आपको इसकी संभावना हो सकती हैं।

स्तन पर गांठ होना

यदि आपके स्तन पर किसी प्रकार की गांठे हो भले ही वह कैंसर रहित क्यों ना हो, तब भी उनमें कैंसर बनने की संभावना अधिक रहती हैं

ब्रेस्ट कैंसर

समय से पहले मासिक धर्म होना

समय से पहले मासिक धर्म होना भी स्तन कैंसर का एक कारण हो सकता है। जिन महिलाएं को 12 वर्ष से कम आयु में ही मासिक धर्म शुरू हो जाते हैं। उनमें स्तन कैंसर का खतरा अधिक रहता है।

हार्मोन कारण

फीमेल एस्ट्रोजन का अधिक स्त्राव स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ावा देता है। जो महिलाएं गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन करती हैं, उनमें भी स्तन कैंसर का खतरा अधिक रहता है।

वजन अधिक होना

अधिक वजन होना अनेक बीमारियों को जन्म देता है जिन महिलाओं का वजन सामान्य से अधिक होता है, उनमें स्तन कैंसर का खतरा अधिक रहता है।

धूम्रपान का सेवन करना

जो महिलाएं अत्यधिक धूम्रपान का सेवन करती हैं, उनमें स्तन कैंसर की संभावना अन्य महिलाओं की तुलना में अधिक रहती हैं।

अनियंत्रित जीवनशैली

अनियंत्रित जीवनशैली भी स्तन कैंसर का एक प्रमुख कारण है, जो महिलाएं शारीरिक एक्टिविटी बिल्कुल भी नहीं करती हैं, उनमें इसका खतरा ज्यादा रहता है।

अधिक उम्र में बच्चा होना

जिन महिलाओं को अधिक उम्र में बच्चा होता है, उनमें स्तन कैंसर होने की संभावना अधिक रहते हैं।

स्तनपान ना करना

स्तनपान ना कराने वाली महिलाओं में भी इसका खतरा ज्यादा रहता है।

स्तन कैंसर का उपचार

स्तन कैंसर का इलाज उसकी स्थिति पर निर्भर करता है, कि कैंसर किस चरण में है और कितना फैला है। गांठ या ट्यूमर का आकार कितना बड़ा है। यह सब पता करने के बाद ही डॉक्टर उपचार के विकल्पों को अपनाते हैं।

सबसे पहले डॉक्टर स्तन कैंसर की सर्जरी करते हैं। इसके अलावा कीमो थेरेपी विकिरण चिकित्सा या हार्मोन थेरेपी जैसे उपचार भी किए जाते हैं।

स्तन कैंसर से किस प्रकार बचाव किया जा सकता है?

कैंसर चाहे कोई भी हो उससे बचाव किया जाना बहुत ही जरूरी होता है। उसी प्रकार स्तन कैंसर से बचाव के कुछ उपाय हैं जिनको अपनाकर आप स्तन कैंसर से बचाव कर सकते हैं।

शारीरिक व्यायाम करें

नियमित रूप से योग एक्सरसाइज करनी चाहिए जो महिलाएं नियमित रूप से एक्सरसाइज करती हैं। उनमें स्तन कैंसर होने की संभावना बहुत कम होती है।

धूम्रपान से दूरी बनाए रखे

स्तन कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाए रखें, क्योंकि धूम्रपान कैंसर के खतरे को बढ़ावा देता है।

संतुलित आहार का सेवन करें

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए संतुलित आहार का सेवन करें, जो महिलाएं नियमित रूप से संतुलित आहार का सेवन करती हैं, उनमें स्तन कैंसर का खतरा कम देखा गया है।

वजन को नियंत्रित रखें

स्तन कैंसर से बचने के लिए वजन को नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि बढ़ता वजन शरीर में बीमारियों को बढ़ावा देता है।

कुछ अन्य उपाय

  1. नमक का सीमित मात्रा में सेवन करें।
  2. रेड मीट का सेवन कम करें।
  3. सूर्य की तेज किरणों से बचें।
  4. गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।
  5. यदि आप गर्भधारण कर चुके हैं, तो गर्भावस्था के बाद शिशु को स्तनपान जरूर करवाएं। इससे स्तन कैंसर होने की संभावना कम हो जाती है।

इसके अलावा स्तन कैंसर से बचने के कुछ अन्य घरेलू उपाय भी हम आपको बताएंगे जो इस प्रकार हैं।

ग्रीन टी का सेवन करें

ग्रीन टी के सेवन से आप स्तन कैंसर से अपनी रक्षा कर सकते हैं। इसमें मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी स्तन कैंसर के खतरे को बहुत हद तक कम करते हैं।

विटामिन C युक्त पदार्थों का सेवन करें

कैंसर के खतरे को कम करने के लिए विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इससे कैंसर कोशिकाओं को रोकने में मदद मिलती है। विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से प्रतिरक्षा तंत्र भी मजबूत होता है।

गेहूं के ज्वार का सेवन करें

कैंसर से बचने के लिए गेहूं के ज्वार का सेवन बहुत लाभकारी होता है। यह हानिकारक पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने के साथ-साथ प्रतिरक्षा तंत्र को भी मजबूत करता है।

विटामिन D का सेवन करें

कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने के लिए विटामिन D का सेवन अत्यंत फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए आप दही और दूध का सेवन भी कर सकते हैं।

हल्की गर्म चाय का सेवन करें

अधिक गर्म चाय कैंसर कोशिकाओं में वृद्धि करती है। इससे स्तन कैंसर भी हो सकता है। ऐसे में यह जरूरी होता है, इससे बचाव किया जाए इससे बचने के लिए हल्की गर्म चाय का ही सेवन करें।

लहसुन का सेवन करें

लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कैंसर के खतरे को कम करते हैं। यदि आप कैंसर से बचना चाहते हैं, तो नियमित रूप से लहसुन को अपने आहार में शामिल करें।

काली मिर्च का सेवन करें

काली मिर्च में पाए जाने वाला पैपरीन एंटी कैंसर के रूप में प्रयोग किया जाता है। काली मिर्च का सेवन करने से ब्रेस्ट कैंसर के अलावा अन्य कैंसर से भी हमारी सुरक्षा होती है।

काली चाय का सेवन करें

काली चाय में एपी गेलो कैटेचीन गैलेट नाम का रसायन पाया जाता है। जो स्तन कैंसर से हमारी रक्षा करता है और स्तन में ट्यूमर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है, तो आप नियमित रूप से काली चाय का सेवन कर सकते हैं।

अपने आहार में हल्दी को शामिल करें

आमतौर पर हल्दी सभी घरों में मौजूद होती हैं और यहां अनेक गुणों से भरपूर भी होती है। नियमित रूप से हल्दी का सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। इसे प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और स्तन कैंसर के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न अगर ब्रेस्ट में गांठ 1 महीने से वह तो ब्रेस्ट कैंसर का कौन सा स्टेज होता है?

उत्तर- ब्रेस्ट में हर गांठ कैंसर भी हो यह जरूरी नहीं होता है। कुछ-कुछ गाठें कैंसररहित भी होती हैं और रही बात ब्रेस्ट में गांठ होने पर कि कौन से स्टेज का कैंसर है, तो यहां परीक्षण करवाने के बाद ही बताया जा सकता है, कि कैंसर कितना फैला है और किस स्टेज पर है।

प्रश्न कैंसर हीलर सेंटर पर ब्रेस्ट कैंसर के इलाज का कितना पैसा लगेगा?

उत्तर- कैंसर हीलर सेंटर कैंसर के इलाज के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए कितना खर्चा आएगा। यह कैंसर की स्थिति पर निर्भर करता है, कि कैंसर किस स्टेट में है और इसके इलाज में कितना समय लग सकता है। इस स्थिति में ही खर्च का अंदाजा लगाया जा सकता है।

आज के इस लेख के माध्यम से हमने स्तन कैंसर से संबंधित जानकारी प्राप्त की। हमने जाना कि स्तन कैंसर से बचाव किस प्रकार किया जा सकता है। उसके क्या-क्या उपाय हैं, यदि आप भी स्तन कैंसर के खतरे को कम करना चाहते हैं, तो हमारे द्वारा बताए गए उपाय अपनाएं।

मैं उम्मीद करती हूं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख आपको पसंद आया होगा, अगर इससे संबंधित आपके मन में कोई विचार उत्पन्न हो रहा हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं। हम आपकी सेवा में सदा तत्पर हैं।

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धन्यवाद।।