टिटनेस(tetanus) क्या होता है,क्यों होता है। इसके बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देने के लिए आज हम उपस्थित हुए हैं। टिटनेस के बारे में आपने सुना ही होगा। यदि आपको किसी भी प्रकार के लोहे से चोट लग जाती है या घाव हो जाता है, तो आप को तुरंत ही टिटनेस का टीका लगवाने की सलाह दी जाती है, ताकि आपके शरीर में टिटनेस का इन्फेक्शन ना फैल पाए। यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाए तो यह गंभीर रूप धारण कर लेता है, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
टिटनेस भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के सभी लोगो को कभी न कभी प्रभावित कर सकता हैं। हर साल पूरे विश्व में करीब 10 लाख लोग टिटनेस की चपेट में आ जाते हैं।
टिटनेस क्या होता है?
टिटनेस क्या है और इसमें कौन से गंभीर जीवाणु संक्रमण होते है इसकी बात करें, तो यह एक क्लोस्ट्रीडियम टिटैनी नामक जीवाणु के कारण होता है। यह जीवाणु एक विश का उत्पादन करता है, जो मुख्य रूप से हमारे तंत्रिका तंत्र एवं मस्तिष्क को प्रभावित करता है, जिससे मांसपेशियों में कठोरता उत्पन्न होती हैं। टिटनेस को लॉकजाँ भी कहते हैं, क्योंकि यह जबडे एवं गर्दन की मांसपेशियों में संकुचन का कारण बनता है।
टिटनेस कैसे फैलता है?
टिटनेस के जीवाणु, धूल, मिट्टी या लोहे के उपकरणों में पाए जाते हैं। यह संक्रमण टिटेनोस्पासमिन से होता है। टिटेनोस्पासमिन एक खतरनाक न्यूरोटॉक्सिन होता है। जो विष का उत्पादन करता है यह क्लोस्ट्रीडियम टिटैनी नामक जीवाणु से निकलता है। जब शरीर पर लोहे से किसी भी प्रकार का कट या घाव हो जाता है और यह घाव या कट किसी भी कारणवश इस बैक्टीरिया के संपर्क में आता है,तो टिटनेस नामक संक्रमण हो जाता है।
टिटनेस के प्रकार
स्थानीय टिटनेस
यह टिटनेस का एक साधारण प्रकार है। इसमें चोट के आसपास के क्षेत्रों की मांसपेशियों में ऐंठन के साथ-साथ दर्द होता है। यह ऐंठन को कम करने में हफ्ते भर का समय लेती है।
मस्तिक टिटनेस
इस प्रकार के टिटनेस मुख्य रूप से सिर या मस्तिष्क में चोट लगने के कारण या कान के संक्रमण के साथ होता हैं। यह संक्रमण 2 से 3 दिनों के अंदर तेजी से फैलता है। यह टिटनेस एक साथ कई मांसपेशियों को प्रभावित करती है। इसके साथ इसमें चेहरे की मांसपेशिया भी प्रभावित होती है और जबडा ऐंठ जाता है। इस प्रकार का टिटनेस कुछ समय बाद साधारण टिटनेस में परिवर्तित हो जाता है।
नवजात टिटनेस
इस तरह का टिटनेस उन बच्चों में होता है, जिन्हें गर्भ में रहते मां से इम्यूनिटी नहीं मिल पाती है या गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण नहीं हो पाता है। आमतौर पर नवजात के नाभि का घाव ठीक से सूख न पाने के कारण भी यह हो जाता है या फिर नाभि के संक्रमण के कारण भी होता है। यही कारण है कि लगभग 14% नवजात की मृत्यु टिटनेस के कारण ही होती है।
सामान्य टिटनेस
यह टिटनेस का एक सामान्य प्रकार है लगभग 80% लोगों में सामान्य टिटनेस होता है। इस प्रकार का टिटनेस सिर से शुरू होकर शरीर के अन्य भागों को प्रभावित करता है। इस टिटनेस में जबडे बंद होना मुंह की पेशियों में जकड़न गर्दन में ऐंठन तथा बुखार आदि शामिल है।
टिटनेस के कारण
टिटनेस क्लोस्ट्रीडियम टिटैनी नामक जीवाणु के द्वारा होता है। यह जीवाणु शरीर के बाहर अधिक समय तक जीवित रहते हैं। क्लोस्ट्रीडियम जीवाणु दूषित मिट्टी पशु खाद या लोहे के उपकरणों में पाए जाते हैं। इसके अलावा यह कहीं भी मौजूद हो सकते हैं, जब यह जीवाणु शरीर में प्रवेश कर जाता है, तो यह तेजी से फैलता है जिससे टिटनेस के लक्षण पैदा होने लगते हैं।
टिटनेस के लक्षण
आमतौर पर टिटनेस के लक्षण 7 से 10 दिनों के बाद सामने आते हैं, लेकिन कभी-कभी यह 4 दिनों से लेकर 3 सप्ताह तक या फिर कुछ मामलों में महीनों भी लग सकते हैं। टिटनेस के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं।
- मांसपेशियों में ऐंठन विशेष रूप से जबड़े पेट छाती पीठ और गर्दन में ।
- निगलने में कठिनाई होना।
- बुखार आना।
- उच्च रक्तचाप।
- हृदय की धड़कन बढ़ना।
- दस्ता आना या मल में खून आना।
- पसीना आना।
- सांस लेने में कठिनाई।
- चिड़चिड़ापन महसूस होना।
यदि आपको किसी भी प्रकार के चोट लग जाए और इस तरह के लक्षण नजर आए, तो आपको तुरंत ही चिकित्सीय उपचार की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि यह टिटनेस के लक्षण हो सकते हैं।
टिटनेस का परीक्षण
आमतौर पर टिटनेस का परीक्षण उसके लक्षणों के आधार पर ही किया जाता है। टिटनेस का परीक्षण करने के लिए एक स्पैटयूला टेस्ट भी किया जाता है। इस टेस्ट में गले के पीछे के हिस्से में स्पैटयुला (एक प्रकार का औजार) डाला जाता है यदि कोई इंफेक्शन ना हो तो स्पैटयुला एक गैंग- रिफ्लेक्स उत्पन्न करता है। जिससे मरीज स्पैटयुला को मुख से बाहर निकालने की कोशिश करेगा। यदि इंफेक्शन है, तो उस पर स्पैटयुला के कारण गले की मांसपेशियां ऐंठ जाती है और रोगी स्पैटयुला को दबा लेता है।
टिटनेस का इलाज
आमतौर पर टिटनेस का कोई इलाज नहीं है। टिटनेस के संक्रमण को रोकने के लिए गांवों को तुरंत अच्छी तरीके से साफ किया जाना चाहिए, उसके बाद उस पर कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगा कर उस घाव को किसी सूती कपड़े से बंद कर देना चाहिए। यदि आप घाव को खुला रखेंगे, तो उसमें संक्रमण का खतरा रहेगा फिर उसके तुरंत बाद आपको टिटनेस का टीका लगवाना चाहिए। इस प्रकार ही टिटनेस के संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके अलावा एंटीबायोटिक दवाइयों के सेवन से घाव पर होने वाले संक्रमण को खत्म करने का भी प्रयास किया जा सकता है।
टिटनेस से बचाव
टिटनेस से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण हुई है। यदि आपने पहले से ही टिटनेस का टीका लगवाया है, तो आपको टिटनेस फैलने की संभावना कम रहती हैं, लेकिन टिटनेस के टीकाकरण की एक अवधि होती है। यदि टीकाकरण की अवधि समाप्त हो जाते हैं, तो आपको टिटनेस होने की संभावना रहती है। इसके अलावा यदि आपको किसी भी प्रकार का घाव हो जाता है, तो उस घाव को साफ सफाई रख के इससे बचाव किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण प्रश्न
टिटनेस के पहले लक्षण क्या है?
- जबड़े की मांसपेशियों में ऐंठन एवं कसावट।
- गर्दन की मांसपेशियों में कठोरता।
- निगलने में कठिनाई।
- पेट की मांसपेशियों में अकड़न महसूस होना।
आपको कैसे पता चलेगा कि आपको टेटनेस शॉट की जरूरत है?
यदि आपको लोहे से किसी भी प्रकार का घाव हो जाता है, चाहे वह हल्का हो या गहरा हो इसके अलावा आपने पिछले 10 सालों से टिटनेस का शॉट नहीं लिया है, तो आपको टिटनेस शॉट की आवश्यकता होती है।
क्या मुझे कट के बाद टिटनेस शॉट की जरूरत है?
हां यदि लोहे से घाव हुआ है, तो आपको टिटनेस शॉट की जरूरत पड़ सकती है। घाव चाहे जैसा भी हो गहरा हो या हलका। इसके बाद घाव को साफ करें और एंटीसेप्टिक क्रीम भी लगाएं।
क्या टेटनेस को ठीक किया जा सकता है?
आमतौर पर टिटनेस का कोई इलाज नहीं है। टिटनेस को ठीक करने के लिए घावों को अच्छे से साफ करें और कट हो जाने के तुरंत बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगवाएं।
टिटनेस इंजेक्शन के लिए अधिकतम सीमा क्या है?
प्रत्येक 10 साल के अंदर टिटनेस टीके की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन यदि किसी कारणवश आप को लोहे की चीजों से घाव हो जाता है, तो 48 घंटों के अंदर आपको टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना चाहिए।
क्या आप जंग खाकर टिटनेस पा सकते हैं?
नहीं टिटनस बैक्टीरिया (क्लोस्ट्रीडियम टिटैनी) के कारण होता है। यदि जंग लगे हुए किसी चीज से आपको चोट लग जाती है, तो टिटनेस फैलने की संभावना बहुत ही कम होती है, लेकिन यदि जंग लगे हुए लोहे से चोट लगती है तो आपको टिटनेस हो सकता है।
टिटनेस बैक्टीरिया कितना आम है?
बैटरीरिया आमतौर पर मिट्टी, धूल या लोहे के उपकरणों में पाए जाते हैं। यह त्वचा में लोहे के उपकरणों से कट हो जाने के बाद शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, आमतौर पर दूषित चीजों के द्वारा हुआ घाव का होना।
एक कट के बाद आपको टिटनेस शॉट कब तक लेना चाहिए?
एक कट के बाद यदि आपने 48 घंटों के अंदर टिटनेस शॉट ले लिया है, तो आपको दोबारा इसकी आवश्यकता नहीं है।
लाकंजा से कौन सा पार्ट प्रभावित होता है?
टिटनेस का दूसरा नाम है लाकंजा है। इसे लाकंजा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इससे हमारे जबड़े प्रभावित होते हैं, जिससे हमें मुंह खोलने में कठिनाई महसूस होती है।
अगर टिटनेस से दर्द ज्यादा हो?
यदि आपको टिटनेस से दर्द हो रहा हो तो आप प्रभावित स्थान पर गर्म पानी से सिकाई कर सकते हैं। इससे आपको आराम मिलेगा।
टिटनेस के लक्षण कितने दिनों में दिखाई देते हैं?
आमतौर पर टिटनेस के लक्षण 7 से 10 दिनों के अंदर सामने आ जाते हैं, लेकिन कभी-कभी यह 4 दिनों से लेकर 3 सप्ताह या फिर महीनों भी लगा सकते हैं।
TT Injection के साइड इफेक्ट कितने दिनों तक रह सकते हैं?
TT Injection के साइड इफेक्ट कुछ ही दिनों में अपने आप समाप्त हो जाते हैं। इसके लिए किसी उपचार की आवश्यकता नहीं होती है यदि आपको इंजेक्शन लेने के बाद दर्द हो रहा हो, तो आप सिकाई करके से राहत पा सकते हैं।
TT vaccine लगने के बाद सूजन आए तो क्या करना चाहिए?
TT vaccine लगने के बाद सूजन आ जाती है, तो आपको गर्म पानी से सिकाई करना चाहिए और यदि फिर भी आप की सूजन कम नहीं हो रही है तो, आपको डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
अगर किसी को लोहे से घाव हुआ है और टिटनेस के कोई भी लक्षण नहीं है, तो उसे टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने की आवश्यकता है या नहीं?
हां बिल्कुल आवश्यकता है, टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने की क्योंकि यदि आपको लोहे से किसी प्रकार की चोट लग जाती है और घाव हो जाता है, तो टिटनेस फैलने का खतरा रहता है। चाहे उसके लक्षण नजर आए या नहीं फिर भी आप को टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना चाहिए।
टीटी वैक्सीन Humen body मे संबंध है?
हा टीटी वैक्सीन Humen body से संबंध रखता है। यदि आपको किसी भी प्रकार के लोहे से चोट लग जाती है और उससे घाव जाता है, तो आपको टेटनेस वैक्सीन की जरूरत पड़ती है नहीं तो इसका हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
टिटनेस का पहला वैक्सीन गर्भवती महिला को कब से कब तक लगा सकते हैं?
टिटनेस का इंजेक्शन गर्भवती महिला को दो बार लगता है। पहला गर्भावस्था के शुरुआती 3 महीनों के बीच लगाया जाता है और दूसरा पहले टीके के 1 से 2 महीनों के अंतराल में लगता है।
क्या टिटनेस के टीके से गर्भपात हो सकता है?
नहीं टिटनेस के टीके से गर्भपात नहीं होता है, बल्कि गर्भावस्था के दौरान टिटनेस का टीका लगवाया जाता है, क्योकि से गर्भ में पल रहे शिशु और मां की टिटनेस संक्रमण से सुरक्षा की जा सके।
हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको टिटनेस क्या होता है इसकी पूरी जानकारी जानकारी आपको दी। हमने जाना टिटनेस क्या होता है इसके लक्षण, बचाव तथा उपचार आदि के बारे में विस्तार से बताया। यदि आपको अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें बताएं।
मैं आशा करती हूं कि आप को टिटनेस से संबंधित मेरा यह लेख पसंद आया होगा। यदि फिर भी टिटनेस से संबंधित आपके मन में किसी भी प्रकार का कोई प्रश्न हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर आप हमसे पूछ सकते हैं।
धन्यवाद।।
Thank a lots Mona Ma’am
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