आज के इस दौड़ भाग भरी जिंदगी में शरीर में थकान, मानसिक तनाव जैसी समस्याएं सभी को बनी रहती है । इन समस्याओं से निजात पाने के यूं तो बहुत से तरीके हैं उनमें से एक तरीका एनर्जी ड्रिंक पीना भी है।
जिसे आज के हर वर्ग के लोगों में काफी ज्यादा पसन्द किया जा रहा है। एनर्जी ड्रिंक के सेवन से लोगों को अपनी बॉडी में थकान,हैंगओवर,जेटलैग जैसी समस्याओं से निजात मिलती है।
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एनर्जी ड्रिंक कैसे काम करता है
रेड बुल गिव्स यू विंग्स’, ‘मोर एनर्जी, मोर पावर’, ‘ड्रिंक्स लाइक, सोडा, किक्स लाइक एन एनर्जी ड्रिंक’, ‘रेड डेविल द टेस्ट ऑफ एनर्जी आदि कई प्रकार की एनर्जी ड्रिंक्स मार्केट में मौजूद हैं। तो आइए बात करते हैं एनर्जी ड्रिंक से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में।
एनर्जी ड्रिंक में क्या पाया जाता है?
एनर्जी ड्रिंक मैं हमें अलग-अलग तरह के स्रोत मिलते हैं जैसे- caffeine,taurine,suger,magnisium कार्बोनेट विटामिन B3,B5,B6, B12 पाया जाता है।
एनर्जी ड्रिंक में कैफीन और सुगर की मात्रा
कई विशेषज्ञों द्वारा पता चला है एनर्जी ड्रिंक एक बोतल में लगभग 12 से 13 चम्मच चीनी की मात्रा पाई जाती है और लगभग दो कप कॉफी के बराबर कैफीन की मात्रा मौजूद होती है। इससे आप खुद ब खुद अंदाजा लगा लीजिए कितनी मात्रा में कैफीन और चीनी एक इंसान को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है या नही।
1 दिन में युवा लगभग तीन से चार एनर्जी ड्रिंक पी लेते हैं और एनर्जी एक कैन में लगभग 640 मिलीग्राम तक कैफ़ीन की मात्रा पाई जाती है। जबकि एक वयस्क इंसान में 1 दिन में केवल 400 ग्राम कैफ़ीन ले सकता है। इससे यह साफ- पता चलता है कि ज्यादा मात्रा में कैफ़ीन होने से आपको एनर्जी ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके ज्यादा सेवन से आपके शरीर पर बहुत तरह के दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
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एनर्जी ड्रिंक से बच्चों में बढ़ रहा है चिड़चिड़ापन
यह देखा गया है कि 8 से 14 साल वर्ष के बच्चों में एनर्जी ड्रिंक का सेवन का कुछ ज्यादा ही क्रेज है। जिसका उपयोग वो अपने डेली लाइफ में करने लगे हैं। जिससे खासकर बच्चों में देखा गया है कि एनर्जी ड्रिंक के सेवन से उनमें चिड़चिड़ापन की समस्या बढ़ रही है।
इंग्लैंड में एसोसिएशन ऑफ स्कूल एंड कॉलेज लीडर्स के जनरल सेक्रेटरी ब्रायन कहते हैं, ‘स्कूल में ऐसे कई बच्चे आते हैं जो दिन की शुरुआत नाश्ता करने की बजाय एनर्जी ड्रिंक लेकर करते हैं।
ऐसे बच्चों के व्यवहार में चिड़चिड़ापन साफ तौर पर दिखाई देता है। यहां तक की बच्चों में फोकस करने की क्षमता भी कम हो जाती है जिससे उनका काम में ध्यान नहीं लगता।’
एनर्जी ड्रिंक करती है ब्रेन पर असर
ज्यादातर देखने को मिला है कि एनर्जी ड्रिंक सीधा हमारे दिमाग पर असर करती है जिसका दुष्परिणाम यह होता है कि इसके ज्यादा सेवन से नींद ना आने की समस्या, घबराहट, बेचैनी आदि कई समस्याओं को देखी गयी है।
2011 में अमेरिका में हुए एनर्जी ड्रिंक से संबंधित एक सर्वेक्षण के अनुसार अत्यधिक मात्रा में कैफीन लेने से दौरा पड़ने और घबराहट, नींद ना आना की समस्या होती है व कई बार तो एनर्जी ड्रिंक के ज्यादा सेवन से मौत होने की समस्या के सामने आई है।
अगर इसे आप सॉफ्ट ड्रिंक मानते हैं तो ये गलत है। एनर्जी ड्रिंक में मिली कैफीन सीधे दिमाग पर असर करती है, जो हमारी सेहत के लिए हमारे शरीर के लिए पूर्ण रूप से हानिकारक है ऐसे में खासकर ऐसे में बच्चों का इसे पीने पर पाबंदी होनी चाहिए।
एनर्जी ड्रिंक को हेल्दी ड्रिंक का विकल्प कभी न बनायें और न ही इसे अपनी आदत बनायें। इसकी जगह ताजे फल और फलों का जूस अच्छा विकल्प हो सकता है।
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क्या एनर्जी ड्रिंक शरीर के लिए हानिकारक है?
आइए जानते हैं की एनर्जी ड्रिंक हमारे सेहत के लिए क्यों हानिकारक है यदि आप ज्यादा मात्रा में एनर्जी ड्रिंक का सेवन करते हैं तो आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।जैसे ब्लड प्रेशर, मोटापा, तथा किडनी में नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक कई लोग एनर्जी ड्रिंक का सेवन शराब के साथ भी कर रहे हैं जो उनके सेहत के लिए बेहद ही खतरनाक है।
ज्यादातर एनर्जी ड्रिंक्स में पानी,चीनी और कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है और एनर्जी ड्रिंक्स में कुछ विटामिंस खनिज और अनावश्यक पोषक तत्व और उत्तेजक पदार्थ मिले रहते हैं जैसे गुआरना, टॉरिन तथा जिन्सेंग आदि जो की सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
अधिकांश एनर्जी ड्रिंक्स में लगभग 100 मिलीग्राम तक कैफीन की मात्रा पाई जाती है जो रेगुलर कॉफी के मुकाबले 8 गुना तक ज्यादा होती है।आपको बता दें कि मुख्य रूप से एनर्जी ड्रिंक्स में चीनी और कैफीन की मात्रा ज्यादा पाई जाती है, जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के एक डॉक्टर के अनुसार एनर्जी ड्रिंक्स में अधिक मात्रा में पाए जाने वाला कैफ़ीन युवाओं व अथवा वयस्कों में रक्त प्रवाह तथा उच्च रक्तचाप की समस्या को उत्पन्न करता है।
एनर्जी ड्रिंक्स में taurine नामक तत्व पाया जाता है। जो कैफीन के प्रभाव को बढ़ाने में मदद करता है और जो लोग शराब अथवा एनर्जी ड्रिंक का सेवन एक साथ करते हैं। वे लोग इसके प्रभाव से शराब का सेवन ज्यादा करने लगते हैं।
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों अथवा गर्भवती महिलाओं को एनर्जी ड्रिंक के सेवन से बचना चाहिए।
एनर्जी ड्रिंक्स बढ़ता है हृदय संकुचन की समस्या
आजकल युवाओं में एनर्जी ड्रिंक का सेवन आम हो गया है। ऐसे में कुछ वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध में पता चलता है कि ज्यादा मात्रा में एनर्जी ड्रिंक के सेवन से हृदय की धड़कन पर असर पड़ता है।
इसका मुख्य कारण है कि एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन का ज्यादा प्रयोग होना ।कई शोधकर्ताओं ने यह जिक्र किया है कि ज्यादा मात्रा में एनर्जी ड्रिंक पीने से युवाओं में एनर्जी ड्रिंक्स पीने के कुछ समय उपरांत ह्रदय में संकुचन की दर बढ़ जाए करती है।
यह कहना बिल्कुल ही गलत नहीं होगा कि ज्यादा मात्रा मे एनर्जी ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए इसके सेवन से हृदय संबंधी रोग का खतरा बढ़ता है।
क्या एनर्जी ड्रिंक्स के कारण होता है हेपेटाइटिस?
आइए जानते हैं कि क्या एनर्जी ड्रिंक के सेवन से हैपेटाइटिस होने का खतरा होता है।(BMJ) के द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार शोधकर्ताओं ने यह जाना कि तीन हफ्तों तक अगर रोजाना तीन से चार एनर्जी ड्रिंक पिया जाए तो व्यक्ति को ज्यादा मात्रा में विटामिन B3 मिलने लगता है जिसकी वजह से हेपेटाइटिस विकसित हो जाता है।तो इसका अर्थ है कि ज्यादा मात्रा में यदि ड्रिंक के सेवन से हेपेटाइटिस हो सकता है।
हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको एनर्जी ड्रिंक से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराया और हमने एनर्जी ड्रिंक से होने वाले कुछ नुकसानओं के विषय में भी आपको जानकारी दी। उम्मीद करता है एनर्जी ड्रिंक पर लिखा हुआ यह लेख आपको पसंद आया होगा एनर्जी ड्रिंक से संबंधित यदि आपके मन में कोई प्रश्न उत्पन्न हो रहा हो तो आप हमें अवश्य कमेंट करके बताएं। हम आपके लिए सदा तत्पर हैं।
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